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कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े, तलाशी जरूरी; विवाद के बाद राम मंदिर में क्या-क्या बदला?
दान विवाद के बाद राम मंदिर में बड़े बदलाव किए गए हैं

कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े, तलाशी जरूरी; विवाद के बाद राम मंदिर में क्या-क्या बदला?

लेखन आबिद खान
Jul 03, 2026
04:01 pm

क्या है खबर?

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में गबन का मामला देशभर में छाया हुआ है। SIT की जांच, गिरफ्तारियों और नगदी की बरामदगी के साथ ही इस मामले ने मंदिर की व्यवस्था में भी कई बदलाव ला दिए हैं। जांच में मिली जानकारी के आधार पर मंदिर की दान और गणना व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। आइए जानते हैं अब मंदिर में कैसे व्यवस्था है।

रिपोर्ट

कर्मचारियों की तलाशी हुई अनिवार्य

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले का खुलासा होने के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के अंदर संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश और निगरानी के तरीकों में बड़े बदलाव किए हैं। अब दान संभालने वाले कर्मचारियों की तलाशी ली जा रही है। सभी कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले गाउन पहनना अनिवार्य कर दिए गया है। साथ ही निजी सामान से लेकर कर्मचारियों की आवाजाही पर भी सख्त नजर रखी जा रही है।

मंदिर

गणना कक्ष में मोबाइल की भी अनुमति नहीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे बड़ा बदलाव दान गिनने और मंदिर परिसर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के प्रवेश द्वार पर देखने को मिल रहा है। मंदिर अधिकारियों ने उच्च सुरक्षा क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की तलाशी अनिवार्य कर दी है। कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और सभी व्यक्तियों की प्रवेश से पहले और बाहर निकलते समय जांच की जा रही है। कर्मचारियों को अब गणना कक्ष के अंदर मोबाइल, बैग, पर्स या अन्य निजी सामान ले जाने की अनुमति नहीं है।

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अन्य बदलाव

ये बदलाव भी हुए

संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश पर भी काफी सख्ती की गई है। केवल अधिकृत कर्मचारी, जिनके नाम पहले से सत्यापित हैं, उन्हें ही अंदर जाने की अनुमति है। उनकी गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जांच में पता चला था कि CCTV फुटेज लगभग 45 दिनों के बाद डिलीट कर दी जाती थी। अधिकारी अब इन कमियों को दूर करने के लिए फुटेज को सुरक्षित रखने और उसकी निगरानी प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

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विवाद

क्या है राम मंदिर दान विवाद?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब आरोप लगे कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई राशि और कीमती सामानों को गिनती प्रक्रिया के दौरान निकाल लिया गया था। इस मामले की जांच SIT कर रही है, जिसने दान की गिनती और प्रबंधन से जुड़े 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। वहीं ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। आरोपियों के पास से करीब 78 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।

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