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'सेवा तीर्थ' में होगा प्रधानमंत्री कार्यालय का नया ठिकाना, यहां 'इंडिया हाउस' भी; जानें खासियतें 
प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही 'सेवा तीर्थ' में शिफ्ट किया जाएगा

'सेवा तीर्थ' में होगा प्रधानमंत्री कार्यालय का नया ठिकाना, यहां 'इंडिया हाउस' भी; जानें खासियतें 

लेखन आबिद खान
Jan 14, 2026
04:27 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपना नया कार्यालय 'सेवा तीर्थ' परिसर में स्थानांतरित करने जा रहे हैं। यह परिसर सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बनाया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ ही कुछ अहम विभाग और मंत्रालय भी होंगे। इसी के साथ आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय का पता बदलने जा रहा है। माना जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद कभी भी प्रधानमंत्री कार्यालय शिफ्ट हो सकता है। आइए इसकी खासियत जानते हैं।

सेवा तीर्थ

क्या है 'सेवा तीर्थ?'

2.26 लाख वर्ग फीट में फैला सेवा तीर्थ नई दिल्ली में दारा शिकोह रोड पर एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में है। इस परिसर में 3 अलग-अलग इमारतें हैं। इनमें से एक इमारत सेवा तीर्थ-1 है, जो प्रधानमंत्री कार्यालय है। दूसरी इमारत सेवा तीर्थ-2 है, जहां कैबिनेट सचिवालय का नया मुख्यालय है। पिछले महीने यहां शिफ्टिंग का काम पूरा हो गया है। वहीं, तीसरी इमारत सेवा तीर्थ-3 है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय होंगे।

केबिन

बंद केबिन के बजाय ओपन फ्लोर डिजाइन

फिलहाल के साउथ ब्लॉक में बंद कमरों के पीछे सीमित पहुंच और व्यवस्थित आवाजाही में अहम फैसले लिए जाते हैं। 'सेवा तीर्थ' को इस मॉडल से उलट ओपन फ्लोर जैसा बनाया गया है। इसका उद्देश्य औपचारिकताओं को कम करना, अधिकारियों के बीच तालमेल बढ़ाना और आपसी पारदर्शिता की भावना को विकसित करना है। इसकी डिजाइन में भी साउथ ब्लॉक के औपनिवेशिक वास्तुकला को हटाकर भारतीय तत्वों को शामिल किया गया है।

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भूकंप

भूकंप-रोधी इमारत, आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल

सेवा तीर्थ को एन्क्रिप्टेड संचार प्रणालियों, उन्नत साइबर सुरक्षा नेटवर्क और एकीकृत सुरक्षा वास्तुकला के लैस किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह इमारत भूकंप प्रतिरोधी है और सभी परिस्थितियों में चालू रहने के लिए डिजाइन की गई है। प्रधानमंत्री का निजी कक्ष और सेरोमोनियल रूम्स भव्य बनाए गए हैं। इनका इस्तेमाल विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से बैठकों के लिए होगा। इनकी सजावट में 5,000 साल पुरानी सभ्यता की झलक दिखाई देती है।

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इंडिया हाउस

उच्चस्तरीय बैठकों के लिए परिसर में 'इंडिया हाउस'

सेवा तीर्थ परिसर में 'इंडिया हाउस' नाम से एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस केंद्र भी है। इसे उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों, प्रेस वार्ताओं और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए तैयार किया गया है। PMO में पहले ऐसा कोई समर्पित स्थान नहीं था, जिसके लिए अलग-अलग जगहों पर कई व्यवस्थाएं करनी पड़ती थीं। शुरू में 'सेवा तीर्थ' को इसे एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव कहा जाता था। बाद में सेवा को प्राथमिकता देने के चलते नाम बदला गया।

संग्रहालय

नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा?

प्रधानमंत्री कार्यालय फिलहाल साउथ ब्लॉक में है। वहीं, नॉर्थ ब्लॉक में पहले गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय थे। इन दोनों को अब कर्तव्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। पूरी तरह खाली होने के बाद साउथ और नॉर्थ ब्लॉक दोनों को एक सार्वजनिक संग्रहालय में बदल दिया जाएगा, जिसका नाम 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' होगा। इसमें करीब 30,000 कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी और यह दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक होगा।

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