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#NewsBytesExplainer: प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा कितना अहम, क्या-क्या समझौते हो सकते हैं?
प्रधानमंत्री मोदी 2 दिवसीय इजरायल दौरे पर जा रहे हैं

#NewsBytesExplainer: प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा कितना अहम, क्या-क्या समझौते हो सकते हैं?

लेखन आबिद खान
Feb 22, 2026
05:51 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को 2 दिवसीय इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी इजरायल यात्रा होगी। इससे पहले वे जुलाई, 2017 में इजरायल गए थे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा भी था। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों में कुछ अहम समझौते हो सकते हैं, खासतौर से रक्षा के क्षेत्र में। आइए दौरे की अहमियत समझते हैं।

दौरा

कैसा रहेगा प्रधानमंत्री का दौरा?

प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को इजरायल पहुंचेंगे। वे इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। हालांकि, अभी प्रधानमंत्री की यात्रा का आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि वे कुछ अन्य हितधारकों से भी मिल सकते हैं। इस दौरान वे दोनों देशों के साझा हितों और मुद्दों से जुड़े सभी विषयों पर चर्चा कर सकते हैं। संभावना है कि वे इजरायल की संसद को भी संबोधित कर सकते हैं।

रक्षा

रक्षा क्षेत्र में अहम सहमतियां बनने की उम्मीद

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने भारत के साथ नवीनतम रक्षा प्रौद्योगिकियों को साझा करने पर सहमति जताई है। इसमें बहुप्रतीक्षित हाई-टेक लेजर रक्षा प्रणाली और अन्य स्टैंड-ऑफ सिस्टम शामिल हैं। इजरायल भारत के साथ उन रक्षा तकनीकों को साझा कर सकता है, जो उसने कभी नहीं की है। हालांकि, यात्रा के दौरान किसी औपचारिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन दोनों पक्ष सुरक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

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मिसाइल प्रणाली

भारत को मिल सकती है एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रणाली पर काम कर सकते हैं। बता दें कि एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रणाली भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है। इसका उद्देश्य दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों को मार गिराना है। इजरायल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसी प्रणालियां हैं। इजरायल की वायु रक्षा प्रणालियों ने पिछले साल जून में ईरान द्वारा दागी गई 98 प्रतिशत बैलिस्टिक मिसाइलों को निष्क्रिय कर दिया था।

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अन्य मुद्दे

इन क्षेत्रों में भी समझौते होने की संभावना

दोनों देशों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि, जल प्रबंधन और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर समझौतों की उम्मीद है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा, तकनीकी साझेदारी और कृषि क्षेत्र में समझौते हो सकते हैं। दोनों देश एक दूसरे की मदद के इंटेलीजेंस साझेदारी पर भी जोर सकते हैं, जिससे आतंकवाद से जुड़ी सूचनाएं एक-दूसरे तक पहुंचाई जा सके। मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी बातचीत हो सकती है। इसकी शुरुआत 26 मई, 2010 को दिल्ली में हुई थी।

समझौता

78,000 करोड़ रुपये का रक्षा समझौता कर सकता है भारत- रिपोर्ट

पिछले महीने न्यूज18 ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया था कि भारत वायु सेना के लिए उन्नत मिसाइलों, सटीक निर्देशित बमों और अन्य प्रणालियों के लिए इजरायल के साथ लगभग 78,217 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत भारत SPICE-1000 सटीक निर्देशित बम, हवा से सतह पर वार करने वाली रैम्पेज मिसाइलें, एयर लोरा वायु-प्रवेशित बैलिस्टिक मिसाइलें, आइस ब्रेकर मिसाइल प्रणाली, लोइटरिंग मुनिशन्स, रडार, सिमुलेटर और नेटवर्क-केंद्रित कमांड सिस्टम खरीद सकता है।

अहमियत

कितना अहम है दौरा?

गाजा युद्ध, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव और बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से इस यात्रा को अहम माना जा रहा है। BBC से बात करते हुए विदेश नीति विशेषज्ञ हर्ष वी पंत ने कहा, "भारत के लिए यह जानना जरूरी है कि इजरायल ईरान और गाजा जैसे मुद्दों को किस नजरिए से देख रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय स्थिरता और भारत के आर्थिक हित जुड़े हैं।"

बयान

प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर नेतन्याहू ने क्या कहा?

नेतन्याहू ने प्रमुख अमेरिकी-यहूदी संगठनों के अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "संसद को संबोधित करने की तैयारी चल रही है। अगले हफ्ते यहां कौन आ रहा है? नरेंद्र मोदी। सालों से भारत-इजरायल के बीच मजबूत गठबंधन है। हम हर तरह के सहयोग पर चर्चा करने जा रहे हैं। आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। इसकी आबादी 1.4 अरब है। भारत बेहद शक्तिशाली और बेहद लोकप्रिय है।"

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