
प्रधानमंत्री ने किया 13,000 फीट की उंचाई पर बनी सेला सुरंग का उद्घाटन, क्या है खासियत?
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग का उद्घाटन किया। यह सबसे अधिक ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी 2 लेन वाली सुरंग है। 825 करोड़ रुपये में बनी इस सुरंग की आधारशिला 2019 में रखी गई थी।
पश्चिम कामेंग और तवांग जिले को जोड़ने वाली इस सुरंग को चीन के लिहाज से रणनीतिक और सामरिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं सुरंग की क्या खासियत है।
सुरंग
कैसी है सुरंग?
13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस सुरंग को सीमा सड़क संगठन (BRO) ने बनाया है।
इस परियोजना में 2 सुरंगें शामिल हैं। पहली सुरंग 980 मीटर लंबी है, वहीं दूसरी सुरंग 1,595 मीटर की ट्विन-ट्यूब सुरंग है। इन दोनों सुरंगों के बीच 1,200 मीटर लंबी लिंक रोड और 8.6 किलोमीटर लंबी 2 सड़कें भी शामिल हैं।
सुरंग से हर दिन 3,000 कारें और 2,000 ट्रकों की आवाजाही हो सकती है।
सुरक्षा
सुरंग में सुरक्षा के पूरे इंतजाम
सेला सुरंग से पश्चिम कामेंग जिले में तवांग और दिरांग के बीच की दूरी को 12 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। तेजपुर से तवांग तक की यात्रा में भी एक घंटे से अधिक समय की बचत होगी।
सुरंग की ऊंचाई और मौसम परिस्थितियों को देखते हुए इसमें सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। उच्चतम सुरक्षा मानकों को ध्यान में रख ऑस्ट्रियाई तकनीक से बनी इस सुरंग में वेंटिलेशन सिस्टम, लाइट सिस्टम और अग्निशमन प्रणाली मौजूद है।
चीन
चीन के लिहाज से क्यों अहम है सुरंग?
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास होने से सुरंग भारतीय सेना के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। यह तवांग को अरुणाचल प्रदेश के उन हिस्सों से जोड़ती है, जो अकसर बर्फबारी या भूस्खलन की वजह से बंद हो जाते थे।
सुरंग से तवांग के जरिए चीन सीमा तक की दूरी 10 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। साथ ही असम के तेजपुर और तवांग में सेना के कोर मुख्यालय के बीच की दूरी भी एक घंटे कम हो जाएगी।
दौरा
2 दिवसीय पूर्वोत्तर दौरे पर हैं प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी 2 दिवसीय पूर्वोत्तर दौरे पर हैं। कल शाम वे असम की राजधानी तेजपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने काजीरंगा में रोड शो किया था। आज वे काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे और जंगल सफारी का आनंद लिया।
दौरे के दौरान वे मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में लगभग 55,600 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री आज शाम ही वाराणसी लौटेंगे।