पीयूष गोयल ने बताई अमेरिका संग व्यापार समझौते की खासियत, बोले- डेयरी-कृषि में कोई रियायत नहीं
क्या है खबर?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर कई जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमारे पड़ोसी देशों में शामिल चीन पर 35 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, जबकि भारत पर केवल 18 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की तारीफ करते हुए कहा कि आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा और विकसिक भारत की राह में अहम है।
टैरिफ
किन वस्तुओं पर कोई भी टैरिफ नहीं लगाएगा अमेरिका?
गोयल ने कहा कि समझौते के बाद कई प्रमुख वस्तुओं के अमेरिका को निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। रत्न और आभूषणों के साथ औषधीय उत्पादों को भी शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी। इनमें रत्न, फार्मा, कॉफी, चाय, मसाले, नारियल तेल, वनस्पति मोम, सुपारी, ब्राजील नट्स, फल, सब्जियां, सब्जी की जड़ें, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल के बीज, खसखस और खट्टे फलों के रस समेत कई अन्य उत्पाद शामिल हैं।
अन्य क्षेत्र
और किन-किन क्षेत्रों को होगा फायदा?
गोयल के मुताबिक, जिन प्रमुख क्षेत्रों को फायदा होगा, उनमें विमान के पुर्जे, मशीनरी के पुर्जे, जेनेरिक दवाएं, फार्मास्यूटिकल्स और बंगाल, केरल और महाराष्ट्र से आने वाले रत्न और हीरे शामिल हैं। अन्य वस्तुओं में सिक्के, प्लैटिनम, घड़ियां, आवश्यक तेल, कुछ घरेलू सजावट की वस्तुएं जैसे झूमर, बीज और अकार्बनिक रसायन और यौगिक शामिल हैं। गोयल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के कई कृषि उत्पाद भी शून्य टैरिफ पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश करेंगे।
सीमाएं
वाणिज्य मंत्री ने बताई समझौते की सीमाएं
गोयल ने कहा कि भारत में किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित उत्पादों की अनुमति नहीं दी जाएगी। मक्का, चावल, गेहूं, बाजरा और रागी जैसी मुख्य खाद्य वस्तुओं पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। भारत में बहुतायत में उगाए जाने वाले फल जैसे केला और खट्टे फल संरक्षित रहेंगे। मांस, मुर्गी, डेयरी उत्पाद, सोयाबीन, चीनी और अनाज प्रभावित नहीं होंगे। काबुली चने पर राहत नहीं मिलेगी। इथेनॉल और तंबाकू भी पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
अमेरिका
अमेरिका को किन क्षेत्रों में मिली रियायत?
गोयल ने कहा, "हमने अमेरिका के लिए कुछ प्रोडक्ट्स जैसे डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्युबल्स (DDGS), वाइन और स्पिरिट्स के लिए अपने बाजार खोल दिए हैं। इनमें हमने न्यूनतम आयात शुल्क रखा है।" समझौते के तहत, भारत अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर (करीब 45 लाख करोड़ रुपये) के उत्पाद खरीदेगा। इनमें ऊर्जा आपूर्ति, विमान और उसके पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला जैसी वस्तुएं शामिल हैं।
देश
गोयल बोले- पड़ोसियों के मुकाबले हम पर सबसे कम टैरिफ
गोयल ने कहा, "अमेरिका द्वारा भारत के निर्यात पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह 18 प्रतिशत टैरिफ हमारे पड़ोसी देशों और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में सबसे कम है। आने वाले दिनों में इससे भारत और उसके निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा। उदाहरण के लिए अमेरिका ने चीन पर 35 प्रतिशत, वियतनाम और बांग्लादेश पर 20-20 प्रतिशत और इंडोनेशिया पर 19 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।"