#NewsBytesExplainer: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अंतरिम रूपरेखा जारी; जानें बड़ी घोषणाएं, आपको क्या होगा फायदा?
क्या है खबर?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर महीनों से चल रही बातचीत रंग लाने लगी है। दोनों देशों ने व्यापार समझौते की अंतरिम रूपरेखा जारी की है। इसमें पूरे समझौते का ढांचा है। भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 25 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। आइए अंतरिम रूपरेखा की अहम बातें जानते हैं।
टैरिफ
अमेरिका ने टैरिफ 18 प्रतिशत किया, अतिरिक्त टैरिफ भी हटाया
अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 25 प्रतिशत से कम कर 18 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही रूस से तेल खरीद के चलते लगा अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ भी पूरी तरह हटाया गया है। इससे वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं जूते, प्लास्टिक एवं रबर उत्पाद, जैविक रसायन, गृह सज्जा, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मौके पैदा होंगे। भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और खाद्य एवं कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करेगा।
सामान
अमेरिका से 45 लाख करोड़ का सामान खरीदेगा भारत
समझौते के तहत, भारत अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर (करीब 45 लाख करोड़ रुपये) के उत्पाद खरीदेगा। इनमें ऊर्जा आपूर्ति, विमान और उसके पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला जैसी वस्तुएं शामिल हैं। दोनों देशों में सहमति बनी है कि वे डेटा केंद्रों के लिए ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) जैसे तकनीकी उत्पादों में व्यापार को बढ़ावा देंगे और संयुक्त तकनीकी सहयोग का विस्तार करेंगे।
भारत
जानें भारत को होने वाले फायदे
टैरिफ कम होने से भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। अमेरिका जेनेरिक दवाओं, रत्न, हीरे और विमान पूर्जों पर टैरिफ शून्य करेगा। भारतीय MSME, किसान, मछुआरे, महिलाओं और युवा उद्यमियों के लिए अमेरिकी बाजार में पहुंच बढ़ेगी। टेक्सटाइल, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर और हस्तशिल्प में निर्यात बढ़ेगा। विमान पूर्जे और कुछ ऑटो पार्ट्स को अमेरिका में विशेष पहुंच मिलेगी। भारतीय जेनेरिक दवाओं के लिए टैरिफ और नियामक नियमों में सुधार।
कृषि
भारत ने कृषि और डेयरी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित रखा
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया, "भारत ने मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, तंबाकू, कुछ सब्जियों और मांस जैसे कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है।" हालांकि, संयुक्त बयान के अनुसार भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों पर आयात शुल्क खत्म या कम करने पर सहमति जताई है। इनमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, जानवरों के चारे के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल और कुछ अन्य उत्पाद शामिल हैं।
अहम घोषणाएं
जानें समझौते की बड़ी घोषणाएं
दोनों देश व्यापार को सुगम बनाने के लिए गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे। भारत अमेरिका के मेडिकल डिवाइस से जुड़ी पुरानी समस्याओं को हल करेगा। दोनों देश उत्पत्ति के नियम तय करेंगे। दोनों देशों ने सप्लाई चेन और इनोवेशन बढ़ाने के लिए आर्थिक सुरक्षा सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है। भारत-अमेरिका बाजारों को और खोलने के लिए व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखेंगे। भारत अमेरिकी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) वस्तुओं के लिए प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग नियम खत्म करेगा।
अगला कदम
आगे क्या होगा?
यह रूपरेखा अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते की नींव है, जिसे दोनों पक्ष जल्दी से बातचीत करके पूरा करना चाहते हैं। इसके बाद जारी अंतिम समझौते में ज्यादा विस्तृत व्यापार नियम और मानक शामिल होंगे। दोनों देश संभवत: मार्च तक अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। हालांकि, भारत पर अमेरिकी टैरिफ अभी से कम हो गया है। अंतिम समझौते में ज्यादातर शर्तें और ऐलान इसी रूपरेखा के अनुरूप होंगे।
बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को दिया धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, 'भारत-अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। मैं हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देता हूं। यह फ्रेमवर्क हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाता है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करता है।'