पेट्रोलियम मंत्री बोले- गैस सिलेंडर को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, हम पूरी तरह से तैयार
क्या है खबर?
ईरान युद्ध के बीच देशभर में LPG संकट पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित है और होर्मुज जलडमरूमध्य से 20 प्रतिशत आवाजाही प्रभावित हुई है। उन्होंने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि गैस सिलेंडर को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। इस दौरान विपक्षी सदस्य एपस्टीन-एपस्टीन से जुड़े नारे लगाते रहे।
बयान
हरदीप पुरी बोले- गैस और कच्चे तेल की कोई किल्लत नहीं
हरदीप पुरी ने कहा, "हमारे पास पर्याप्त कच्चा तेल है। डीजल-पेट्रोल और गैस सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है। दूसरे मार्गों से भी सप्लाई आ रही है। CNG की सप्लाई 100 प्रतिशत जारी है। कनाडा, नॉर्वे, रूस से हम ईंधन ले रहे हैं। LPG का उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है। 3 मंत्रियों की समिति बनाई गई है, जो हालात पर नजर रखे हुए है। हम लंबे समय तक ऐसे हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।"
अफवाह
पुरी बोले- ये समय अफवाह फैलाने का नहीं
पुरी ने कहा, "यह अफवाह फैलाने या झूठा नैरेटिव बनाने का समय नहीं है। भारत इतिहास के सबसे गंभीर वैश्विक ऊर्जा व्यवधान से गुजर रहा है। ईंधन की सप्लाई जारी है, गैस को घरों और खेती के लिए प्राथमिकता दी जा रही है और LPG उत्पादन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। भारत को ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे लोगों, संकट का प्रबंधन कर रही संस्थाओं और राष्ट्रीय हितों के साथ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।"
राहुल गांधी का संबोधन
राहुल ने उठाया एपस्टीन का मुद्दा, हुआ खूब हंगामा
राहुल गांधी ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। देश में LPG को लेकर संकट है। अमेरिका कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम किससे तेल खरीदेंगे, किससे गैस खरीदेंगे। छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। यहां एक मंत्री जी बैठे हैं, जिन्होंने कहा था एपस्टीन दोस्त है।" इसके बाद संसद में खूब हंगामा होने लगा। स्पीकर ने राहुल गांधी से कहा कि नियम से परे बोलने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
प्रधानमंत्री
राहुल बोले- प्रधानमंत्री खुद डरे हुए
राहुल ने कहा, "प्रधानमंत्री कहते हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन वह खुद घबराए हुए लग रहे हैं, बिल्कुल अलग वजहों से। वे एपस्टीन अदाणी मामले के चलते टेंशन में हैं। वह देश से कह रहे हैं कि घबराएं नहीं, जबकि वह खुद परेशान लग रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया, इसलिए बड़ी समस्या आने वाली है। ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध के परिणाम काफी गंभीर होने वाले हैं।"