दिल्ली: को-ऑपरेटिव बैंक के उपप्रबंधक ने KYC नियमों की अनदेखी कर की 67 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
दिल्ली के मयूर विहार इलाके में एक को-ऑपरेटिव बैंक के उपप्रबंधक पवित्र कुमार बिस्वाल को 67 करोड़ रुपये के बड़ी साइबर ठगी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि बिस्वाल ने KYC नियमों को अनदेखा कर कई फर्जी खाते खोले थे। इनमें महाकाल एंटरप्राइजेस के नाम से भी एक खाता शामिल था। जून 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच इस खाते से बड़ी रकम का लेनदेन हुआ। इस पूरे मामले पर गृह मंत्रालय की नजर पड़ी, जिसके बाद जांच का सिलसिला शुरू हुआ।
दूसरे आरोपी शैलेंद्र कुमार यादव का रोहिणी में मिला सुराग
जांचकर्ताओं ने महाकाल एंटरप्राइजेस के दर्ज पते पर रोहिणी में शैलेंद्र कुमार यादव का पता लगाया। सामने आया कि शैलेंद्र का नाम और जानकारी जॉब पोर्टलों से चुराई गई थी। इसी का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी वाला यह खाता खोला गया था। शैलेंद्र ने दावा किया है कि वह कभी बैंक नहीं गए और न ही उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। जांच में उनके हस्ताक्षर भी बैंक में मौजूद हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाए। बाद में बिस्वाल ने भी कागजातों और पतों का सत्यापन ठीक से न करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, लेकिन उस मुख्य व्यक्ति की तलाश अभी भी जारी है जो असल में बैंक में खाते खुलवाने आया था।