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बिहार: NEET छात्रा की मौत की जांच CBI करेगी, मामले में अब तक क्या-क्या हुआ? 
पटना में NEET छात्रा की मौत की जांच CBI करेगी

बिहार: NEET छात्रा की मौत की जांच CBI करेगी, मामले में अब तक क्या-क्या हुआ? 

लेखन आबिद खान
Jan 31, 2026
11:36 am

क्या है खबर?

बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकार से हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने का आग्रह किया है और घटना का पारदर्शी और निष्पक्ष खुलासा होना चाहिए। बता दें कि बीते कई दिनों से इस मामले पर खूब घमासान हो रहा है।

मामला

क्या है मामला?

दरअसल, जहानाबाद की रहने वाली छात्रा पटना के एक हॉस्टल में रहते हुए NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 6 जनवरी को वो हॉस्टल में बेहोश पाई गई। कुछ दिनों तक इलाज चलने के बाद 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई। शुरुआत में ये मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन परिजनों ने यौन उत्पीड़न होने की बात कही। बाद में पुलिस ने भी कहा कि छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ है।

जांच

छात्रा के कपड़ों पर मिला था मानव तरल

परिजनों ने छात्रा का शव सड़क पर रखकर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने 13 जनवरी को FIR दर्ज की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बलात्कार की पुष्टि हुई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। जांच के दौरान छात्रा के कपड़ों से मानव स्पर्म मिला। ये भी पता चला कि स्पर्म 18 से 21 साल के लड़कों का है। इसके बाद करीब 25 लोगों के DNA सैंपल लिए गए। इनमें परिजन से लेकर हॉस्टल से जुड़े लोग शामिल हैं।

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SIT

सरकार ने बनाई SIT, पुलिसकर्मी निलंबित किए

16 जनवरी को उपमुख्यमंत्री चौधरी ने मामले का संज्ञान लिया और निष्पक्ष जांच की बात कही। इसी दिन 30 से ज्यादा अधिकारियों वाली SIT का गठन किया गया। टीम ने हॉस्टल से लेकर अस्पताल में सभी संदिग्धों से पूछताछ की। काम में लापरवाही बरतने के चलते संबंधित पुलिस थाने के 2 कर्मियों को निलंबित किया गया। इस दौरान DGP भी लगातार बैठकें करते रहें। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

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पेचीदगी

पुलिस के लिए क्यों चुनौती बना मामला?

पुलिस को छात्रा के कमरे से बड़ी संख्या में नींद और डिप्रेशन की दवाएं मिलीं। 26 दिसंबर को छात्रा का पूरा परिवार अचानक हॉस्टल पहुंचकर उसे घर क्यों ले गया था? 26 दिसंबर से 5 जनवरी तक छात्रा जहानाबाद में रही। इस अवधि में वह कहां गई किन लोगों से मिली? कॉल डिटेल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, डिजिटल पेमेंट और छात्रा की मोबाइल हिस्ट्री के आधार पर एक दर्जन से ज्यादा लोग जांच के दायरे में हैं।

परिजन

परिजनों का आरोप- पुलिस दबाव बना रही

इस बीच 30 जनवरी को छात्रा के परिजनों ने DGP से मुलाकात की। इसके बाद परिजनों का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने आरोप लगाया कि DGP कार्यालय में उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा देने के बजाय समझौते और आत्महत्या की बात स्वीकार करने की सलाह दी गई। छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मौत को आत्महत्या मामने का दबाव बनाया और इसे साबित करने के लिए एक डायरी दिखाई, जो कथित तौर पर छात्रा ने लिखी थी।

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