
IS समर्थकों को पकड़ने के लिए NIA का 3 राज्यों में 60 जगहों पर छापा
क्या है खबर?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमों ने बुधवार सुबह तीन राज्यों, तमिलनडु, केरल और कर्नाटक, में करीब 60 जगहों पर छापेमारी की।
यह छापेमारी पिछले साल तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुए सिलेंडर धमाके और कर्नाटक के मंगलुरू में ऑटोरिक्शा में हुए धमाके के सिलसिले में की जा रही है।
बतौर रिपोर्ट्स, NIA छापेमारी के दौरान वैश्विक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़े संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही है।
छापेमारी
NIA ने सभी इलाकों में एक साथ की छापेमारी
ANI के मुताबिक, NIA ने तीन राज्यों में लगभग पांच दर्जन स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिनमें तमिलनाडु के कोडुंगयूर और केरल के मन्नादी शामिल हैं।
बता दें कि NIA ने पिछले साल कोयंबटूर बम धमाके की जांच शुरू की थी। एजेंसी मामले में 11 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। NIA ने कहा कि आरोपियों ने फरवरी, 2022 में इरोड के जंगलों में एक आपराधिक साजिश रची थी।
मामला
क्या है कोयंबटूर सिलेंडर ब्लास्ट मामला?
तमिलनाडु में कोयंबटूर में पिछले साल 23 अक्टूबर को एक कार में लगे सिलेंडर में विस्फोट हो गया था। इसमें कार चालक जेम्सा मुबीन (25) की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई थी।
पुलिस ने बताया था कि मुबिन एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था और 2019 में NIA अधिकारियों ने आतंकी संपर्कों को लेकर उससे पूछताछ भी की थी। उसे धमाके के मुख्य आरोपियों में नामजद भी किया गया है।
धमाका
नवंबर में कर्नाटक के मंगलुरू में हुआ था ऑटोरिक्शा में धमाका
कर्नाटक के मंगलुरू में 19 नवंबर, 2022 को एक निर्माणाधीन इमारत के पास रुकने पर एक ऑटोरिक्शा में धमाके के बाद अचानक आग लग गई थी। धमाके के वक्त ऑटो में ड्राइवर पुरुषोत्तम पुजारी और आरोपी मोहम्मद शरीक सवार थे, जो घायल हो गए।
पुलिस ने बताया था कि आरोपी डार्क वेब के जरिए इस्लामिक स्टेट के अपने हैंडलर्स से संपर्क करता था। पुलिस ने उसके कई ठिकानों पर छापेमारी कर कई संदिग्ध चीजों को बरामद किया था।
जांच
NIA ने UAPA के तहत शुरू की थी जांच
NIA ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मंगलुरू ऑटोरिक्शा धमाका केस में अपनी जांच शुरू की थी। कर्नाटक पुलिस की जांच के दौरान IS के साथ उसके संबंध पाए जाने के बाद NIA ने आरोपी शारिक से पूछताछ भी की थी।
जांच में यह भी पता चला था कि शारिक ने अपने स्कूल के साथियों, सैयद यासीन और मुनीर अहमद, को कट्टरपंथी बना दिया था और उन्हें IS से भी परिचित कराया था।