TCS नाशिक में यौन उत्पीड़न और भेदभाव की खौफनाक हकीकत: NCW रिपोर्ट ने खोली पोल
नेशनल कमीशन फॉर वुमेन (NCW) की हालिया जांच से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नाशिक ऑफिस में कई गंभीर दिक्कतें सामने आई हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि वहां यौन उत्पीड़न, धार्मिक भेदभाव, कर्मचारियों को धमकाने और शिकायत दर्ज करने के लिए उचित व्यवस्था नहीं थी। NCW की 50 पन्नों से ज्यादा की यह रिपोर्ट, जो 8 मई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भेजी गई थी, बताती है कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ और कई महिलाएं डर के कारण चुप रहीं।
रिपोर्ट में गवाह सुरक्षा और जवाबदेही की मांग
इस रिपोर्ट में कानूनों का सख्ती से पालन करने, गवाहों को बेहतर सुरक्षा देने और दोषियों की पूरी जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। इस मामले में 9 FIR दर्ज की गई हैं। जिनमें अलग-अलग शिकायतें हैं।
FIR 1: धमकी देना, धार्मिक भावनाएं आहत करना, शारीरिक संबंध बनाना और ऑफिस में छेड़छाड़ करना
FIR 2: 2 अभियुक्तों पर छेड़छाड़ और HR पर शिकायत दबाने का आरोप
FIR 3: निजी और वैवाहिक जीवन पर अपमानजनक टिप्पणियां करना (खासकर निःसंतानता कर्मचारी पर)
FIR 4: निजी जीवन पर शर्मनाक सवाल करना, शरीर और प्राइवेट पार्ट्स की ओर गंदे इशारे करना
FIR 5: धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी, खास धार्मिक रीति-रिवाज करने के लिए मजबूर करना, मांसाहार खिलाने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना
FIR 6: महिला के शरीर पर अश्लील टिप्पणियां, जानबूझकर छूना और छेड़छाड़ करना
FIR 7: पीछा करना, अश्लील टिप्पणियां, कार्यस्थल पर गलत तरीके से छूना
FIR 8: निजी जीवन पर सवाल करना, प्रेम संबंध और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव
FIR 9: कार्यस्थल पर गाली-गलौज, बदसलूकी और शरीर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करना