NCERT का बड़ा बदलाव: अब 8वीं के छात्र समझेंगे 'आर्थिक भेदभाव' का सच
NCERT ने 8वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की किताब में बदलाव किए हैं। अब किताब में कहा गया है कि भेदभाव सिर्फ जाति, धर्म या लिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक स्थिति के आधार पर भी हो सकता है। 'नागरिकता: अधिकार और कर्तव्य' नाम के अध्याय में शामिल की गई नई परिभाषा में, आर्थिक स्थिति को एक ऐसा कारण माना गया है, जिसके चलते किसी के साथ भेदभाव किया जा सकता है।
गरीब छात्रों के साथ भेदभाव पर विशेष ध्यान
यह संशोधन इस बात पर जोर देता है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे स्कूल में और उसके बाहर भी अक्सर जिस भेदभाव का सामना करते हैं, उसे आमतौर पर अनदेखा कर दिया जाता है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब सरकारी नियमों में जाति और लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव की चर्चा तो होती है, मगर आर्थिक स्थिति को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस नए हिस्से को शामिल करने से, NCERT चाहता है कि छात्र यह बेहतर तरीके से समझ सकें कि गरीबी किस तरह किसी व्यक्ति के जीवन और अनुभवों को प्रभावित करती है।