प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया में रचा इतिहास, 30 साल बाद मिला सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे, तो वहां के नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक है। दरअसल, 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा है। इस दौरे का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। इसमें खासकर इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी, बायोफ्यूल्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं।
मोदी को मिला स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
इस दौरे की शुरुआत ब्रातिस्लावा कैसल में एक भव्य समारोह के साथ हुई। यहां प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया के प्रमुख बिजनेस लीडर्स से मुलाकात की, जिसका मकसद आर्थिक सहयोग को बढ़ाना था। प्रधानमंत्री का स्वागत पारंपरिक स्लोवाक ब्रेड और नमक के साथ किया गया। इसके बाद उन्होंने 'अज्ञात सैनिक की समाधि' पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और स्लोवाक बच्चों द्वारा भारतीय कहानियों से प्रेरित आर्टवर्क को भी सराहा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले, उन्होंने स्कूली बच्चों द्वारा किए गए योग प्रदर्शन को भी देखा। इसी अवसर पर उन्हें स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया, जिसे प्रधानमंत्री ने भारत और स्लोवाकिया की दोस्ती के नाम समर्पित किया।