महाराष्ट्र की लाड़की बहना योजना में 92 लाख अयोग्य लोगों को मिले 9,605 करोड़ रुपये
महाराष्ट्र की 'लाड़की बहन' योजना, जो कम आय वाली महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने के लिए शुरू की गई थी, अब बड़ी मुश्किल में फंस गई है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत जून 2026 तक 92 लाख ऐसे लोगों को 9,605 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया, जो इसके योग्य नहीं थे। यह योजना अगस्त 2024 में अच्छे इरादों के साथ शुरू हुई थी, लेकिन जांच में कई नियम तोड़ने वाले सामने आने के बाद इसे बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और पात्र महिलाओं की संख्या भी तेजी से घट गई।
KYC की गड़बड़ियां, डुप्लिकेट लाभार्थी और 4.5 लाख सरकारी कर्मचारी
जांच में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। पता चला कि बहुत से लोगों ने जरूरी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। कुछ ऐसे भी लोग थे जिनकी सालाना पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा थी, जबकि यह तय सीमा से बाहर है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि 4.5 लाख लाभार्थी दरअसल सरकारी कर्मचारी थे, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना ही नहीं चाहिए था।
इसके अलावा, कुछ मामलों में डुप्लिकेट पंजीकरण भी हुए थे और कुछ लोग संजय गांधी निराधार अनुदान योजना जैसी दूसरी योजनाओं से भी लाभ ले रहे थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि जिन सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों ने मासिक भुगतान लिया है, उनसे यह राशि वापस ली जाएगी, लेकिन अन्य लाभार्थियों से नहीं।