महाराष्ट्र: 60 लाख वोटरों पर लटकी तलवार, नागरिकता साबित करने के लिए चाहिए 2004 से पहले के दस्तावेज
महाराष्ट्र की मतदाता सूची में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जल्द ही 60 लाख से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। इसके साथ ही, कुल हटाए जाने वाले नामों की संख्या ढाई करोड़ से ज्यादा हो जाएगी।
इन नामों में से ज्यादातर को इसलिए चुना गया है क्योंकि उन्होंने साल 2004 या उससे पहले के अपनी नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। इसके अलावा, लाखों ऐसे नाम भी हैं जिन्हें पहले ही घर बदलने, वोटर लिस्ट में 2 बार नाम होने या फिर मृत्यु के कारण हटाया जाना है।
मतदाताओं को 2004 के दस्तावेज जमा करने होंगे
नए नियमों के मुताबिक, दिसंबर 2004 के बाद जन्मे हर व्यक्ति को अपने साथ-साथ अपने माता-पिता के भी साल 2004 या उससे पहले के दस्तावेज जमा करने होंगे। अगर कोई व्यक्ति इससे ज्यादा उम्र का है, तो उसे अपनी उम्र और नागरिकता का प्रमाण खुद ही देना होगा।
अधिकारियों को ऐसा लग रहा है कि बहुत से लोगों के पास इस तरह के सभी जरूरी कागजात नहीं होंगे, जिसकी वजह से करीब 61 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं। हालांकि, एक अच्छी खबर यह भी है कि कम से कम 30 लाख नए युवा मतदाताओं के जुड़ने की उम्मीद है।