मद्रास हाई कोर्ट का अहम फैसला, 30 साल बाद मंगलसूत्र विवाद में सेवानिवृत्त सेना अधिकारी को मिला तलाक
मद्रास हाई कोर्ट ने लगभग 30 साल अलग रहने के बाद एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी के तलाक को बरकरार रखा है। कोर्ट ने लंबी जुदाई और पत्नी के बर्ताव को हिंदू विवाह अधिनियम के तहत 'मानसिक क्रूरता' बताया है। यह जोड़ा 1977 में शादी के बंधन में बंधा था और 1996 से अलग रह रहा था। पति के दावों को निचली अदालतों ने सही पाया था और जस्टिस पी वदामलाई ने भी निचली अदालतों के फैसले को बरकरार रखा।
कोर्ट ने पत्नी की बेवफाई और मंगलसूत्र हटाने का हवाला दिया
कोर्ट ने बताया कि 1989 में पत्नी ने पति पर बेवफाई का झूठा इल्जाम लगाया था, जिससे उनके काम की इज्जत पर आंच आई। साथ ही उन्होंने अपना मंगलसूत्र भी हटा लिया था, जो तमिल संस्कृति में शादी की बड़ी निशानी मानी जाती है। उनके बीच प्रॉपर्टी और अन्य कानूनी विवाद भी जारी थे। दशकों तक सुलह के लिए कोई ठोस कोशिश नहीं हुई, जिसके चलते कोर्ट ने कहा कि उनकी शादी अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।