लश्कर और खालिस्तानी संगठनों के पास आए पैराग्लाइडर-ड्रोन समेत अन्य हवाई उपकरण, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
क्या है खबर?
खबर है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और खालिस्तानी चरमपंथी समूहों समेत कई आतंकवादी संगठनों ने पैराग्लाइडर और इससे जुड़े उपकरण हासिल कर लिए हैं। इससे भारत की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। न्यूज18 ने हवाई गतिविधियों और खतरों से संबंधित सूचनाओं और घटनाओं पर आधारित एक रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ती हुई ड्रोन गतिविधियों को देखते हुए यह घटनाक्रम अहम माना जा रहा है।
रिपोर्ट
क्या कहती है रिपोर्ट?
इस रिपोर्ट में हवाई खतरों से संबंधित सभी गतिविधियों और इनसे निपटने के लिए व्यापक और बहु-एजेंसी जवाबी व्यवस्था तैयार करने की जानकारी है। इसमें कहा गया है कि मुख्य रूप से भारत-पाकिस्तान सीमा पर हवाई गतिविधियां बढ़ी हैं, जिनका मुकाबला किया गया है। सीमा से सटे इलाकों में ड्रोन का पता चलने के बाद सुरक्षा बलों ने कई अलर्ट जारी किए हैं, जिसके चलते निगरानी और जवाबी कार्रवाई तेज की गई है।
बयान
ड्रोन, RPV और पैराग्लाइडर से बढ़ते खतरे का विश्लेषण कर रहीं एजेंसियां
रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ड्रोन, रिमोट से चलने वाले वाहन (RPV), पैराग्लाइडर, हैंग-ग्लाइडर और इसी तरह के उपकरणों जैसे हवाई प्लेटफार्मों से बढ़ते खतरे का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों समेत मौजूदा सुरक्षा व्यवस्थाओं में इसका ध्यान में रखा जा रहा है। वहीं, सूत्रों ने बताया कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर खासतौर पर रात के समय ड्रोन गतिविधियां बढ़ी हैं।
हमले
रिपोर्ट में हमास के हमले का भी जिक्र
रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर में ड्रोन का इस्तेमाल गणमान्य व्यक्तियों और अन्य महत्वपूर्ण संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर, 2023 में हमास के लड़ाकों ने इजरायल पर हमला करने के लिए मोटरयुक्त पैराग्लाइडर का इस्तेमाल किया, जिससे पता चलता है कि ऐसे प्लेटफार्मों का उपयोग पारंपरिक सुरक्षा प्रणालियों को दरकिनार करने और आतंकी हमलों में किया जा सकता है।
सीमा
भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ी ड्रोन गतिविधियां
12 जनवरी को जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे कई स्थानों पर सीमा पार से संदिग्ध ड्रोन जैसी वस्तुएं देखी गई थीं। इसके बाद सुरक्षा बलों को ड्रोन विरोधी उपायों को सक्रिय किया। 13 जनवरी की शाम राजौरी जिले में LoC के पास 2 बार संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे। भारतीय सेना की ओर से गोलीबारी के बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की ओर लौट गए।