तेलंगाना: फोन टैपिंग मामले में SIT के सामने पेश हुए KTR, बोले- मुख्यमंत्री रेड्डी चोर है
क्या है खबर?
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री केटी रामा राव (KTR) कथित फोन टैपिंग मामले को लेकर विशेष जांच टीम (SIT) के सामने पेश हुए। इस दौरान BRS कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन और पार्टी के मुख्यालय तेलंगाना भवन में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस स्टेशन में घुसने की भी कोशिश की। KTR ने कहा कि वे SIT के नोटिस से डरने वाले नहीं है।
बयान
KTR बोले- मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी चोर हैं
KTR ने कहा, "2015 में हमने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा था, जिसके पास 50 लाख रुपये थे। वह हमारे विधायकों को खरीदने आया था। दुर्भाग्य से यह चोर तेलंगाना का वर्तमान मुख्यमंत्री है। यह सोचता है कि हर आदमी उसी की तरह काम करता है। उन्हें लगता है कि हम पुलिस के समन से डर जाएंगे। हमें पुलिस के सामने पेश होने में कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि हमने कुछ भी गलत नहीं किया है।"
मानहानि
मुख्यमंत्री मेरे खिलाफ मानहानि अभियान चला रहे- KTR
KTR ने कहा, "मुख्यमंत्री पिछले 2 साल से मेरे खिलाफ मानहानि का अभियान चला रहे हैं। अगर मैंने कुछ किया है तो सबूत दीजिए। मैं चरित्र हनन का शिकार हूं और इसके लिए कोई जिम्मेदार है तो वह मुख्यमंत्री हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के चलते सरकारी मंत्री उनसे बात करने से डर रहे हैं। उन्होंने कहा, "कांग्रेस सरकार के मंत्री फोन पर बात करने से डरते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि फोन टैप किए जा रहे हैं।"
सुरक्षा
सुरक्षा के सख्त इंतजाम, कई नेता हिरासत में
KTR से जॉइंट CP विजय कुमार और ACP वेंकटगिरी ने पूछताछ की, जो सिटी पुलिस कमिश्नर VC सज्जनार के नेतृत्व वाली टीम का हिस्सा हैं। BRS कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने स्टेशन के चारों ओर बैरिकेड लगा दिए और भारी संख्या में कर्मियों की तैनाती की। पुलिस ने पहले से ही कई BRS नेताओं और उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्रों को हिरासत में ले लिया। इनमें BRS की छात्र इकाई के सचिव जंगैया भी शामिल हैं।
मामला
क्या है फोन टैपिंग का मामला?
आरोप है कि BRS सरकार के दौरान 6,000 से ज्यादा नेताओं, पत्रकारों और न्यायाधीशों के फोन टैप किए गए थे। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 10 मार्च, 2024 को इस मामले में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने पूर्व विशेष खुफिया ब्यूरो (SIB) प्रमुख टी प्रभाकर राव, DSP प्रणीत राव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम थिरुपथन्ना समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है। हाल ही में सरकार ने जांच के लिए 10-सदस्यीय SIT गठित की है।