केरल के मंत्री ने दिल्ली-NCR के श्रमिकों का किया समर्थन, बोले- 26,000 रुपये मजदूरी और इज्जत चाहिए!
केरल के श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने दिल्ली-NCR और आस-पास के राज्यों में प्रवासी श्रमिकों के साथ हो रहे कड़े बर्ताव की कड़ी निंदा की है। उन्होंने साफ कहा कि इन श्रमिकों का विरोध केवल मजदूरी बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी बुनियादी इज्जत के लिए है। उनका यह बयान एक CPI नेता द्वारा प्रधानमंत्री से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील के बाद आया है।
शिवनकुट्टी ने 26,000 रुपये न्यूनतम मजदूरी का प्रस्ताव दिया
शिवनकुट्टी ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में प्रचलित कम न्यूनतम मजदूरी की आलोचना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण श्रमिकों के लिए जीवनयापन करना बहुत मुश्किल हो गया है। इसे देखते हुए, उन्होंने केरल के मॉडल के आधार पर 26,000 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी तय करने का सुझाव दिया। मंत्री ने स्थानीय प्रशासन पर पुलिस बर्बरता का आरोप भी लगाया और कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गर्भवती महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। इसके साथ ही, उन्होंने गिरफ्तार किए गए मजदूर नेताओं को तुरंत रिहा करने और सब्सिडी वाले रसोई गैस जैसी बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की भी मांग की। शिवनकुट्टी ने यह भी कहा कि केरल राज्य मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ा है और 'मजदूर-विरोधी नीतियों' के खिलाफ उनकी लड़ाई में पूरा साथ देगा।