कर्नाटक का शुद्ध पनीर अभियान, 'नकली' पर सालभर का प्रतिबंध
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कर्नाटक सरकार ने दूध से न बने पनीर को बनाने और बेचने पर एक साल की रोक लगा दी है। यह पाबंदी 17 अगस्त 2027 तक लागू रहेगी। इस कदम का मकसद ग्राहकों को सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का पनीर उपलब्ध कराना है, ताकि बाजार में सिर्फ दूध से बना असली पनीर ही मिल सके।
FSSAI मानकों को पूरा करने वाले गैर-डेयरी उत्पादों को छूट
यह रोक उन नकली पनीर पर लगेगी जो वनस्पति वसा (फैट) या दूध के अलावा किसी और चीज से बनाए जाते हैं। खाद्य सुरक्षा कानूनों के मुताबिक, असली पनीर हमेशा दूध की वसा से ही बनना चाहिए।
हालांकि, यदि कोई गैर-डेयरी उत्पाद FSSAI के तय मानकों को पूरा करता है, तो उस पर यह नया नियम लागू नहीं होगा। प्रोसेस्ड चीज और फ्रोजन डेजर्ट जैसे उत्पादों को भी इस पाबंदी से छूट मिली है।