
गुजरात: चुनावी ड्यूटी पर आए जवानों के बीच झगड़ा, गोली लगने से दो की मौत
क्या है खबर?
गुजरात में चुनावी ड्यूटी के लिए आए एक जवान ने अपने दो साथी जवानों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया, जबकि दो अन्य जवान घायल हुए हैं।
बताया जा रहा है कि शनिवार शाम इन जवानों के बीच किसी बात को झगड़ा हुआ था और बात बढ़ने पर एक जवान ने AK-47 राइफल से गोलियां चलाना शुरू कर दिया।
ये सभी जवान इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) का हिस्सा हैं और घटना के वक्त ड्यूटी पर नहीं थे।
जानकारी
मणिपुर के रहने वाले हैं सभी जवान
NDTV के अनुसार, ये सभी जवान पोरबंदर से करीब 25 किलोमीटर दूर तुकड़ा गोसा गांव में बने एक चक्रवात सेंटर में रुके हुए थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी जवान का नाम कॉन्स्टेबल एस इनौचाशिंग है। वहीं मृतक जवानों की पहचान थोइबा सिंह और जितेंद्र सिंह के तौर पर हुई है। गोली लगने से कॉन्स्टेबल चोराजीत और रोहिकाना घायल हुए हैं। ये सभी मणिपुर के रहने वाले हैं और पोरबंदर जिले में इनकी तैनाती हुई थी।
वजह
झगड़े की वजह साफ नहीं
अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि जवानों में किस बात को लेकर झगड़ा हुआ था। पुलिस ने मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी है।
घायल जवानों में से एक के पेट में और दूसरे के पैर में गोली लगी है। घटना के तुरंत बाद इन्हें पोरबंदर के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, जहां से इन्हें बेहतर इलाज के लिए जामनगर रेफर कर दिया गया।
गुजरात विधानसभा चुनाव
गुजरात में अगले महीने है विधानसभा चुनाव
बता दें कि अगले महीने गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को दो चरणों में मतदान होगा और 8 दिसंबर को नतीजे आएंगे।
गुजरात में आमतौर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला होता है, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) की एंट्री ने मामले को त्रिकोणीय बना दिया है।
AAP पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ रही है और उसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
जानकारी
भाजपा ने कल जारी किया था घोषणापत्र
शनिवार को गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने घोषणापत्र जारी किया था। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य प्रमुख सीआर पाटिल की मौजूदगी में यह घोषणापत्र जारी किया।
घोषणापत्र में भाजपा ने 20 लाख नौकरियां प्रदान करने और राज्य को एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने जैसे वादे किए हैं।
पार्टी ने संभावित खतरों से बचने के लिए कट्टरता-रोधी सेल बनाने का वादा भी किया है।