होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में 23,000 भारतीय नाविक और 36 जहाज फंसे
क्या है खबर?
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के कारण समुद्री मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है और वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन लगभग ठहर गया है। शिपिंग ट्रिब्यून के मुताबिक, गुरुवार तक फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले 36 जहाज फंसे हुए हैं, जिसमें 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में, 12 जहाज पूर्व में और ओमान की खाड़ी के आसपास हैं। इसके अलावा 3 जहाज अदन की खाड़ी में हैं। करीब 23,000 भारतीय नाविक भी फंसे हैं।
संघर्ष
जहाजों में 12 शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के
रिपोर्ट के मुताबिक, इन फंसे जहाजों में 12 जहाज राष्ट्रीय विमानन कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के स्वामित्व में हैं। भारतीय ध्वज वाले जहाजों में 6 कच्चे तेल के टैंकर, एक उत्पाद टैंकर, 10 LPG वाहक, एक LNG टैंकर, तीन कंटेनर जहाज, दो बल्क कैरियर और एक ड्रेजर शामिल हैं। केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि रुकावट लंबे समय तक बनी रही तो वाणिज्यिक जहाजरानी और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
भारतीय
खाड़ी क्षेत्र में इतने भारतीय फंसे
रिपोर्ट के मुताबिक, जो 23,000 भारतीय नाविक खाड़ी देशों में फंसे हैं, उसमें 12,830 UAE में, सऊदी अरब में 3,131, कतर में 2,372, ओमान में 1,687, लेबनान में 61, कुवैत में 334, जॉर्डन में 45, इजरायल में 213, इराक में 328, ईरान में 1,150 और बहरीन में 276 नाविक हैं। इनमें 1,109 नाविक भारतीय जहाजों पर सवार हैं। अभी तक हमलों से जुड़ी 4 घटनाओं में एक भारतीय की मौत और 2 के लापता होने की सूचना है।
आवश्यक
कितना जरूरी है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बना हुआ है, जिससे होकर वैश्विक कच्चे तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान ने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद इस जलक्षेत्र को बंद करने का ऐलान किया है और यहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमले की बात कही है। इसके बंद होने से तो सऊदी अरब, कतर, UAE, इराक, बहरीन और कुवैत जैसे देशों से तेल-गैस की आपूर्ति बड़े स्तर पर प्रभावित होगी।