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ईरान द्वारा बंद किया गया 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' क्या है और इसके क्या होंगे परिणाम?
ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं

ईरान द्वारा बंद किया गया 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' क्या है और इसके क्या होंगे परिणाम?

Mar 03, 2026
04:53 pm

क्या है खबर?

अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से हमला करने से ईरान बुरी तरह से बौखला गया है। इस हमले में उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की भी मौत हो गई। ऐसे में ईरान ने भी जवाबी हमले शुरू कर दिए और सबसे महत्वपूर्ण तेल यातायात मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' यानी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया है। इससे पूरा वैश्विक बाजार चिंतित हो गया। आइए जानते हैं यह क्या है और इसके बंद होने से क्या असर होगा।

सवाल

क्या है 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'?

होर्मुज फारस की खाड़ी में प्रवेश करने का एकमात्र समुद्री मार्ग है। इसके एक तरफ ईरान तो दूसरी तरफ ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) हैं। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और हिंद महासागर में अरब सागर से जोड़ता है। 39 किलोमीटर लंबा यह जलडमरूमध्य अपने सबसे संकरे बिंदु पर यह 33 किलोमीटर और अधिकतम 95 किलोमीटर तक चौड़ा है। हालांकि, इसमें से केवल 3 किलोमीटर दायरे में से ही जहाज गुजर सकते हैं।

अहमीयत

क्यों अहम है 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'?

अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, वैश्विक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन चोकपॉइंट बताया जाता है। इस जलडमरूमध्य से रोजाना 2.1 करोड़ बैरल कच्चा तेल और 8 करोड़ टन नेचुरल गैस की आवाजाही होती है। फिलहाल वैश्विक तेल उत्पादन का छठा हिस्सा और दुनियाभर की एक-तिहाई तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आवाजाही यहीं से से होती है। इसके बंद होने से यह आपूर्ति ठप हो जाएगी।

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जानकारी

ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के बारे में क्या कहा है?

इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने तत्काल प्रभाव से अपले हिस्से वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद करने की घोषणा की है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह पूरी तरह से बंद है या नहीं। इससे वैश्विक चिंता बढ़ गई है।

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असर

'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बंद होने का क्या होगा असर?

अगर जलडमरूमध्य को बंद किया गया तो सऊदी अरब, कतर, UAE, इराक, बहरीन और कुवैत जैसे देशों से तेल और गैस की आपूर्ति बड़े स्तर पर प्रभावित होगी। इससे वैश्विक बाजार में बैरल की कीमतें बढ़ेंगी और खाड़ी देशों से कच्चा तेल आयात न करने वाले देश भी प्रभावित होंगे। इन देशों को आर्थिक संकट से भी जूझना पड़ सकता है। सबसे बड़ी आशंका है कि अगर जलडमरूमध्य बंद किया गया तो अमेरिका को भी बड़ा नुकसान होगा।

प्रभाव

भारत पर क्या होगा असर?

भारत का दो-तिहाई से अधिक तेल आयात (27 लाख बैरल प्रतिदिन) और लगभग आधा LPG आयात 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होकर गुजरता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 80 प्रतिशत दूसरे देशों से आयात करता है। आपूर्ति बाधित होने से आर्थिक अस्थिरता और महंगाई बढ़ेगी। आशंकाएं हैं कि तेल की कीमतें 100-120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। इससे आयात खर्च बढ़ेगा और रोजाना के इस्तेमाल की चीजें तक महंगी हो सकती हैं।

क्षमता

भारत की तेल भंडारण क्षमता कितनी है?

सरकार ने कहा है कि कुल भंडारण क्षमता लगभग 74 दिनों तक चल सकती है, लेकिन शोधन सूत्रों का सुझाव है कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रभावी भंडार केवल 20-25 दिनों तक ही चल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन, खाद्य और विनिर्माण क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। आयात की बढ़ती लागत से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ेगा और खुदरा कीमतों में नरमी बरतने से सब्सिडी का बोझ भी बढ़ सकता है।

जोखिम

ईरान का प्रभाव और उससे जुड़े जोखिम

ईरान के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा सिद्ध तेल भंडार (170 अरब बैरल) है। अपने निर्यात के अलावा, इसकी भौगोलिक स्थिति से इसका भूराजनीतिक महत्व और भी बढ़ जाता है। ईरान अपनी समुद्री खदानें, तीव्र गति से हमला करने वाले जहाज, पनडुब्बियां, ड्रोन और मिसाइल प्रणालियों से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बाधित कर सकता है। हालांकि, इसके बंद होने से उसकी अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होगा, उसके निर्यात रुक जाएंगे और चीन जैसे प्रमुख खरीदार उससे दूर हो जाएंगे।

पृष्ठभूमि

क्या पहले भी कभी बंद हुआ है 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'?

ईरान-इराक युद्ध के दौरान दोनों देशों ने इस जलडमरूमध्य में एक-दूसरे के वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया था। इसे टैंकर युद्ध भी कहा जाता है। 2019 में UAE के फुजैराह तट पर जलडमरूमध्य के पास 4 जहाजों को निशाना बनाया गया था, जिसका आरोप अमेरिका ने ईरान पर लगाया था। 2010 में एक जापानी तेल टैंकर पर अल-कायदा से जुड़े एक समूह ने हमला किया था। हालांकि, कभी भी ये जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

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