कैलाश मानसरोवर यात्रा पर फिर मंडराए संकट के बादल, लिपुलेख मार्ग को लेकर भारत-नेपाल में फिर ठनी
भारत ने 2026 की कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए लिपुलेख मार्ग को फिर से खोलने का फैसला किया है। इस फैसले से नेपाल के साथ उसका पुराना सीमा विवाद एक बार फिर उभर आया है। भारत का मानना है कि यह रास्ता दशकों से इस्तेमाल में है और उसके नियंत्रण में आता है। दूसरी ओर, नेपाल का दावा है कि लिपुलेख और उसके करीब का कालापानी इलाका उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। इस दावे के समर्थन में नेपाल पुराने नक्शों और समझौतों का हवाला दे रहा है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने की बातचीत की अपील
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से बातचीत करने की अपील की है, ताकि हालात तनावपूर्ण न हों। दोनों देश अपने-अपने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला दे रहे हैं, लेकिन सीमा रेखा कहां खींची जाए, इस पर उनकी सहमति नहीं बन पा रही है। अब जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा के मुद्दे को लेकर यह विवाद फिर से गहराया है, दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता बनाए रखने के लिए इसका कूटनीतिक समाधान तलाशना बेहद अहम हो गया है।