भारत में बढ़ रहा है अकेलापन, दुनिया में दूसरे पायदान पर पहुंचा देश
जेबी.कॉम का एक नया वैश्विक अध्ययन बताता है कि अकेलेपन के मामले में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है। इस सूची में तुर्की पहले स्थान पर है। हैरानी की बात ये है कि भारत में ज्यादातर लोग परिवार के साथ रहते हैं और सिर्फ 3.7 प्रतिशत ही अकेले रहते हैं और औसतन एक घर में 4 से ज्यादा सदस्य रहते हैं। इसके बावजूद 58 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अकेलापन महसूस करते हैं, जबकि 34 प्रतिशत खुद को अलग-थलग मानते हैं।
भारत में अकेलापन सिर्फ अकेले रहने से नहीं
इस सर्वे से साफ है कि भारत में अकेलापन केवल शारीरिक रूप से अकेले रहने की वजह से नहीं है। चौंकाने वाली बात ये भी है कि 37 प्रतिशत भारतीय अक्सर उदास महसूस करते हैं, जो इस सूची में शामिल शीर्ष 5 देशों में सबसे ज्यादा है। शोधकर्ताओं का मानना है कि भारत में अकेलेपन की मुख्य वजह अकेले रहना नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव की कमी है। गौरतलब है कि जहां तुर्की अकेलेपन की इस सूची में सबसे ऊपर है, वहीं उजबेकिस्तान और नीदरलैंड जैसे देश सबसे कम अकेलेपन वाले देशों में से हैं।