मानसून की धीमी रफ्तार: कम बारिश से बढ़ी चिंता, मध्य भारत पर सूखे का संकट
इस साल मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, 19 जून तक पूरे देश में सामान्य से 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसका सबसे ज्यादा असर मध्य भारत पर दिखाई दिया है, जहां बारिश में 60 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई है। यहां केवल 2.7 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि सामान्य तौर पर यह 6.7 मिलीमीटर तक होती है। इस कम बारिश से किसान काफी परेशान हैं, क्योंकि इससे आने वाले खरीफ सीजन की फसलों पर सीधा असर पड़ने का डर है।
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा- कमजोर मानसून की हवाएं हैं वजह
केवल मध्य भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी 58 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में भी बारिश में करीब 28 प्रतिशत और 26 प्रतिशत की कमी देखी गई है। मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि इस धीमी शुरुआत की वजह कमजोर मानसूनी हवाएं, सूखी हवा और बंगाल की खाड़ी पर किसी मजबूत मौसमी सिस्टम का सक्रिय न होना है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि 20 जून के बाद हालात सुधर सकते हैं, क्योंकि बारिश के लिए नए सिस्टम बनने लगे हैं।