ईरान युद्ध के बीच बांग्लादेश-श्रीलंका ने किया भारत का रुख, मालदीव ने भी मांगी मदद
क्या है खबर?
बीते कुछ समय से पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रहे थे। नेपाल से लेकर मालदीव के साथ भारत के रिश्तों में कड़वाहट आई थी। हालांकि, ईरान युद्ध के चलते इन देशों ने मदद के लिए भारत का रुख किया है। भारत ने भी 'पड़ोसी प्रथम' नीति का पालन करते हुए इन देशों का साथ दिया है। आइए समझते हैं कैसे भारत अपने पड़ोसी देशों की मदद कर रहा है।
मालदीव
मालदीव ने भारत से मांगा पेट्रोल और विमान का ईंधन
ईरान युद्ध के चलते पैदा हुए ऊर्जा संकट के बाद मालदीव को भारत से मदद मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अशांति के कारण हवाई उड़ानों में व्यवधान से मालदीव की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा मालदीव भी ईंधन आयात पर अत्यधिक निर्भर है। पेट्रोल, डीजल और LPG की कमी ने जनजीवन ठप्प कर दिया है। भारत मालदीव के पेट्रोल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) मांग पर फिलहाल विचार कर रहा है।
रिश्ते
मालदीव के राष्ट्रपति ने दिया था 'इंडिया आउट' का नारा
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को भारत का आलोचक माना जाता है। अपने चुनावी अभियान के दौरान उन्होंने 'इंडिया आउट' का नारा दिया था। उनके चुनाव जीतने के बाद दोनों देशों के संबंध बेहद खराब हो गए थे। मालदीव ने भारतीय सैनिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया था। उन्होंने चीन से भी नजदीकी बढ़ाई है। हालांकि, अब पैदा हुई भू-राजनीतिक स्थितियों के चलते मुइज्जू को भारत से मदद मांगनी पड़ी है।
बांग्लादेश
बांग्लादेश को डीजल भेज रहा है भारत
बांग्लादेश अपनी जरूरत का 95 प्रतिशत तेल और 30 प्रतिशत गैस आयात करता है। संकट के चलते बांग्लादेश में भारी बिजली कटौती हो रही है, सभी विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया गया है और 5 में से 4 सरकारी उर्वरक कारखानों में कामकाज बंद है। इसके बाद तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार ने भारत से मदद मांगी है। भारत ने भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को 22,000 टन डीजल भेजने की योजना बनाई है।
बांग्लादेश संग रिश्ते
युनूस के नेतृत्व वाली सरकार में बिगड़े थे भारत-बांग्लादेश रिश्ते
छात्र आंदोलन और शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश-भारत के रिश्तों में कड़वाहट आई थी। अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली सरकार में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसा और नेताओं के भारत विरोधी बयान के चलते संबंध और खराब हो गए थे। हालांकि, तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार ने भारत के साथ संबंधों को नए सिरे से शुरू करने के संकेत दिए हैं। अगले हफ्ते बांग्लादेशी विदेश मंत्री भारत आ रहे हैं।
श्रीलंका
भारत ने श्रीलंका को भेजा 20,000 मीट्रिक टन डीजल
श्रीलंका अपनी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ईरान युद्ध के चलते देश में ईंधन की कीमतें 33 प्रतिशत बढ़ गई है। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की थी। इसके बाद भारत ने 28 मार्च को 20,000 मीट्रिक टन डीजल और 18,000 मीट्रिक टन पेट्रोल श्रीलंका भेजा। दिसानायके ने इस मदद के लिए भारत का आभार जताया था।