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भारत और यूरोपीय संघ के बीच आज होगा मुक्त व्यापार समझौता, जानिए कितना खास ये सौदा
भारत और यूरोपीय संघ के बीच आज होगा मुक्त व्यापार समझौता (तस्वीर: एक्स/@narendramodi)

भारत और यूरोपीय संघ के बीच आज होगा मुक्त व्यापार समझौता, जानिए कितना खास ये सौदा

लेखन गजेंद्र
Jan 27, 2026
10:48 am

क्या है खबर?

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच पिछले कई सालों की बातचीत के बाद मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हो जाएगा, जो अब तक हुए सभी समझौतों में सबसे खास बताया जा रहा है। नई दिल्ली में भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान समझौते की औपचारिक घोषणा होगी। यह समझौता दुनिया के 2 सबसे बड़े बाजारों के बीच आर्थिक संबंधों को नया आकार देगा और अमेरिकी नीतियों से उत्पन्न अनिश्चितताओं से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण पेश करेगा।

समझौता

क्यों खास है ये समझौता?

यह समझौता इसलिए खास है क्योंकि इस पर बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन टैरिफ बाजार पहुंच और नियामक मानकों पर असहमति के कारण बातचीत 2013 में रुक गई। वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ने और दोनों पक्षों द्वारा आर्थिक साझेदारी में विविधता की कोशिश के चलते 2022 में बातचीत फिर शुरू हुई और पिछले साल इसमें तेजी आई। समझौते को मूर्तरूप देने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भारत में हैं।

सौदा

कितना बड़ा होगा ये समझौता?

भारत और 27 देशों का EU 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं। दोनों पक्षों का वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग एक चौथाई हिस्सा है और इनका संयुक्त बाजार लगभग दो अरब उपभोक्ताओं का है। वित्त वर्ष 2025 में वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि सेवाओं का व्यापार 7.34 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो इस समझौते के व्यापक दायरे को दर्शाता है। समझौते में रक्षा समेत कई सेक्टर को कवर किया जाएगा।

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उम्मीद

टैरिफ में कटौती की उम्मीद और ऑटो सेक्टर के लिए मौका

समझौते का प्रमुख बिंदू शुल्क में कमी है, जिसको लेकर उम्मीद है कि भारत यूरोपीय कारों और शराब पर आयात शुल्क में कमी करेगा, जबकि EU भारतीय उत्पादों कपड़ा, आभूषण, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए पहुंच आसान बनाएगा। सबसे ज्यादा ध्यान ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर है, जहां भारत EU से आयातित कारों पर टैरिफ को 110 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर सकता है। समझौते से फॉक्सवैगन, BMW, मर्सिडीज-बेंज और रेनॉल्ट जैसे निर्माताओं के लिए भारत का बाजार खुल जाएगा।

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समझौता

कृषि और दूध समझौते से बाहर

EU के साथ समझौता बड़ा है, लेकिन वार्ताकारों ने कुछ कृषि और दुग्ध उत्पादों को इससे बाहर रखा है, जिससे लाखों छोटे किसानों को संरक्षण मिल सके। घरेलू उत्पादकों को झटके से बचाने के लिए संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों को भी सावधानीपूर्वक संभाला गया है। बताया जा रहा है कि समझौता तुरंत लागू नहीं होगा, बल्कि 5-6 महीने कानूनी जांच के बाद करीब एक साल लगेंगे, जिसके बाद औपचारिक हस्ताक्षर और पुष्टि होगी, जिसमें यूरोपीय संसद की मंजूरी भी शामिल है।

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