जापान में 50,000 भारतीयाें को मिलेगी नौकरी, भाषा की बाधा पार करने में जुटे युवा
भारत और जापान की एक महत्वपूर्ण योजना के तहत अगले 5 सालों में 50,000 कुशल भारतीय श्रमिकों को जापान भेजा जाएगा। हालांकि, जापानी भाषा की बाधा इसमें एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस बीच एक उत्साहजनक खबर है कि अभी करीब 53,000 भारतीय जापानी भाषा सीख रहे हैं और पिछले तीन सालों में इसमें 47 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद हर साल केवल 3,500 से 5,000 लोग ही जापान में नौकरी के लिए योग्य हो पाते हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए होंडा इंडिया फाउंडेशन ने अपने मानेसर सेंटर में एक साल का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।
होंडा ने 60 हेल्थकेयर असिस्टेंट्स के लिए ट्रेनिंग शुरू की
होंडा का यह नया कार्यक्रम उन 60 हेल्थकेयर असिस्टेंट्स को जापानी भाषा (N5/N4 स्तर), कार्यस्थल के स्किल और जापानी संस्कृति की बुनियादी बातें सिखाएगा जो जापान में नौकरी पाना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंपनियां खुद पहल करें, जैसे भाषा सीखने के लिए स्टाइपेंड देना और व्यावहारिक ट्रेनिंग उपलब्ध कराना और व्यावसायिक संस्थानों के साथ साझेदारी करें, तो भारतीय युवाओं के लिए इन अंतर्राष्ट्रीय अवसरों को पाना काफी आसान हो जाएगा।