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ईरानी युद्धपोत तकनीकी खराबी के बाद भारत में, 183 नौसैनिकों को कोच्चि में मिली शरण- रिपोर्ट
एक ईरानी युद्धपोत को भारत ने कोच्चि में शरण दे रखी है

ईरानी युद्धपोत तकनीकी खराबी के बाद भारत में, 183 नौसैनिकों को कोच्चि में मिली शरण- रिपोर्ट

लेखन आबिद खान
Mar 07, 2026
10:45 am

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अहम जानकारी सामने आई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत IRIS डेना पर अमेरिकी हमले से कुछ दिन पहले ईरान ने भारत से अपने एक अन्य नौसैनिक जहाज IRIS लावन को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति मांगी थी। भारत ने इसकी अनुमति दे दी है और ये जहाज फिलहाल 183 नौसैनिकों के साथ कोच्चि में है।

रिपोर्ट

तकनीकी खराबी के बाद ईरान ने किया था अनुरोध

समाचार एजेंसी ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने 28 फरवरी को भारत से अपने नौसैनिक जहाज IRIS लावन को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति मांगी थी। ईरान ने बताया था कि जहाज में तकनीकी समस्या आ गई है। भारतीय अधिकारियों ने इस अनुरोध पर विचार करने के बाद 1 मार्च को जहाज को डॉकिंग की अनुमति दे दी। 4 मार्च को ये जहाज कोच्चि बंदरगाह पहुंच गया।

अभ्यास

भारत में हुए सैन्य अभ्यास में शामिल हुआ था जहाज 

IRIS लावन हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, जहाज पर मौजूद 183 नौसैनिकों को फिलहाल कोच्चि स्थित भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि IRIS लावन के बारे में जानकारी को सावधानी से संभाला गया, क्योंकि पास के पानी में मौजूद 2 दूसरे ईरानी जहाजों- IRIS डेना और IRIS बुशहर की स्थिति पक्की नहीं थी।

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अमेरिका

अमेरिका ने डूबो दिया था ईरानी नौसैनिक जहाज

यह घटनाक्रम इसलिए अहम है, क्योंकि 4 मार्च को अमेरिका ने ईरानी जहाज IRIS डेना को पनडुब्बी से हमला कर डुबो दिया था। ये जहाज भारत में सैन्य अभ्यास में शामिल होने आया था। हमले में जहाज में सवार 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए थे, जबकि 32 को श्रीलंका की नौसेना ने बचा लिया था। इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना चेतावनी के हमला किया।

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3 जहाज

ईरान के 3 जहाज भारत आए थे, एक डूबा, 2 फंसे

भारत में सैन्य अभ्यास में शामिल होने के लिए IRIS डेना, IRIS लावन और IRIS बुशहर आए थे। इनमें से IRIS डेना डूब चुका है और IRIS लावन को भारत ने शरण दी है। वहीं, एक अन्य जहाज IRIS बुशहर को भी फिलहाल श्रीलंका ने शरण दे रखी है। इसमें सवार चालक दल के 208 सदस्य श्रीलंका में है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका श्रीलंका पर इन नौसैनिकों को ईरान नहीं लौटाने का दबाव बना रहा है।

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