मुंबई में मानसून अटका: 20 साल की सबसे बड़ी देरी, IMD बोला- अब 25 जून के बाद ही झमाझम
मुंबई का मशहूर मानसून, जो हर साल 11 जून तक आ जाता है, इस बार काफी पीछे चल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया है कि कोंकण क्षेत्र में मानसून की गति 25 जून के बाद ही बढ़ेगी। इससे यह पिछले 20 सालों में शहर में मानसून की सबसे बड़ी देरी मानी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मुख्य मौसम प्रणालियां सक्रिय नहीं हो पाईं, जिस वजह से बारिश दक्षिणी महाराष्ट्र में ही रुकी हुई है।
मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन ने महाराष्ट्र में मानसून की प्रगति रोकी
महाराष्ट्र में मानसून को आगे बढ़ने से रोकने में कमजोर हवाओं और मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) की बड़ी भूमिका है। यह एक वैश्विक मौसम पैटर्न है, जो बारिश लाने में सहायक होता है, लेकिन इस बार यह मानसून को आगे बढ़ने में पूरा सहयोग नहीं दे रहा है। इसी वजह से मुंबई में मानसून से पहले की बारिश लगभग न के बराबर रही है। कोलाबा में अब तक सिर्फ 4.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि जून के महीने में यहां आमतौर पर 526 मिलीमीटर बारिश होती है। अगर 25 जून को बारिश शुरू भी होती है, तो यह देरी 2019 और 2023 जैसी ही होगी। यह पिछले साल (2025) के मुकाबले बहुत पीछे है, जब मानसून 26 मई को ही रिकॉर्ड समय से पहले आ गया था।