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भीषण गर्मी के बीच रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग, कैसे निपट रही सरकार?
भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं

भीषण गर्मी के बीच रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग, कैसे निपट रही सरकार?

लेखन आबिद खान
May 22, 2026
06:19 pm

क्या है खबर?

देश के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। उत्तर और मध्य भारत के राज्य भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। इस बीच बिजली की मांग ने भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 21 मई को देश में बिजली की मांग पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 270.82 गीगावाट तक पहुंच गई। बीते 4 दिनों से लगभग यही स्थिति बनी हुई है। आइए जानते हैं सरकार कैसे बिजली मांग की पूर्ति कर रही है।

मांग

कैसे बढ़ती गई बिजली की मांग?

विद्युत मंत्रालय ने ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति को बताया कि भारत में बिजली की अधिकतम मांग 20 मई को 265 गीगावाट तक पहुंच गई थी। वहीं, 21 मई को दोपहर 3:45 बजे मांग बढ़कर 270.82 गीगावाट के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। पिछले 4 दिन से यह रोजाना नए रिकॉर्ड बना रही है। जून में इसके 271 गीगावाट और जुलाई में 283 गीगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है।

राज्य

क्या है राज्यों की स्थिति?

21 मई को पंजाब में बिजली की मांग 14,435 मेगावॉट तक पहुंच गई। एक हफ्ते में बिजली की मांग में 3,453 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 21 मई को दोपहर 3:31 बजे बिजली की अधिकतम मांग 8,231 मेगावाट दर्ज की गई। दिल्ली में सबसे ज्यादा बिजली मांग का रिकॉर्ड 29 मई, 2024 को 8,302 मेगावाट दर्ज किया गया था। इसके साथ ही बिहार, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड में भी बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

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ट्विटर पोस्ट

मंत्रालय ने बताए बिजली खपत के आंकड़े

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पूर्ति

कैसे की जा रही रिकॉर्ड मांग की पूर्ति?

न्यूज18 से अतिरिक्त सचिव पीयूष सिंह ने कहा कि गर्मी के चरम महीनों के दौरान बिजली कटौती या कमी को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी ताप विद्युत संयंत्रों को पूरी तरह से चालू रखने का निर्देश दिया है और रखरखाव के लिए भी शटडाउन की अनुमति नहीं है। सरकार ने कहा कि बिजली संयंत्रों को चलाने के लिए कोयले की आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है। फिलहाल 18 दिनों का भंडार है।

कोयला

ताप विद्युत संयंत्रों के पास 5.09 करोड़ टन कोयले का भंडार

कोयला मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल देश के ताप विद्युत संयंत्रों के पास 5.09 करोड़ टन कोयले का भंडार मौजूद है। इसके अलावा कोल इंडिया लिमिटेड की खदानों में करीब 12.3 करोड़ टन कोयला उपलब्ध है। कंपनी के पास अतिरिक्त 1.6 करोड़ टन कोयले का भंडार भी मौजूद है। मंत्रालय ने कहा कि रेलवे के सहयोग से देशभर में कोयले की सप्लाई लगातार जारी है, ताकि बिजली उत्पादन पर कोई असर न पड़े।

तैयारी

नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल की भी तैयारी

न्यूज18 की मुताबिक, सरकार ने संसाधनों को बेहतर इस्तेमाल, बिजली उत्पादन के समय-निर्धारण और वितरण में कुशलता और राष्ट्रीय लोड वितरण केंद्र (NLDC), क्षेत्रीय लोड वितरण केंद्रों (RLDC), राज्य लोड वितरण केंद्रों (SLDC) और बिजली उत्पादन स्टेशनों के बीच वास्तविक समय में समन्वय के जरिए बिजली की मांग में हुई वृद्धि को सफलतापूर्वक संभाला है। सरकार बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का रणनीतिक उपयोग करने की तैयारी भी कर रही है।

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