दिल्ली में पिछले 14 साल की सबसे गर्म रात, बिजली की मांग बढ़ी
क्या है खबर?
दिल्ली में भीषण गर्मी ने दिन का चैन और रात का सुकून छीन लिया है। सूरज की तपिश से दिन तो जल ही रहा है, रातें भी राहत नहीं दे रही। गुरुवार को रात की गर्मी ने राजधानी में पिछले 14 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया और सबसे ज्यादा गर्म दर्ज की गई। दिल्ली के अधिकतर इलाकों में रात का न्यूनतम तापमान 29 से 32 डिग्री के बीच है। इस बीच, बिजली की मांग में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
तापमान
दिल्ली में किन इलाकों में कितना गया तापमान?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। इसे इस मौसम की पहली गर्म रात बताया गया है। इससे पहले 27 मई, 2012 को सफदरजंग का न्यूनतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। राजघाट का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और पीतमपुरा में न्यूनतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बिजली
दिल्ली में बिजली की मांग बढ़ी
भीषण गर्मी के कारण दिल्ली में बिजली की मांग लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड स्तर पर है। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, दिल्ली में गुरुवार दोपहर 3.31 बजे बिजली की अधिकतम मांग 8,231 मेगावाट दर्ज की गई, जो 29 मई 2024 को 8,302 मेगावाट थी। खपत में तीव्र वृद्धि के बीच यह 9,000 मेगावाट पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, बिजली कंपनियों ने अपनी तैयारियों को देखते हुए बिजली आपूर्ति स्थिर बनी रहने की बात कही है।
आफत
हीटस्ट्रोक के मरीज बढ़े, हर 7 मिनट में आग
दिल्ली के अस्पतालों में गर्मी के कारण हीटस्ट्रोक से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में गुरुवार को लू लगने के पहले 2 मामले सामने आए, जिनमें एक 24 वर्षीय युवक और एक 55 वर्षीय अधेड़ शामिल है। दोनों मरीजों की हालत गंभीर है। दिल्ली अग्निशमन सेवा के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह लगभग हर 7 मिनट में आग से संबंधित एक कॉल प्राप्त हुई है और 17 मई से अब तक 822 कॉल मिल चुकी है।
राहत
क्या आगे मिलेगी राहत?
IMD ने दिल्ली में शुक्रवार को भी ऑरेंज हीटवेव अलर्ट जारी किया है। इस बीच, अधिकतम तापमान 43 से 45 के बीच बना रहेगा। IMD ने लू की स्थिति के लिए जारी ऑरेंज अलर्ट को 27 मई तक बढ़ा दिया है। फिलहाल, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है, लेकिन इसका लाभ दिल्ली को नहीं मिलेगा। इसका असर पंजाब और चंडीगढ़ में छिटपुट बारिश के रूप में देखने को मिलेगा, लेकिन दिल्ली तरसेगी।