48 घंटे में 3 हमले, काला सागर-होर्मुज में भारतीय नाविकों के लिए कैसे बढ़ रहा खतरा?
क्या है खबर?
समुद्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब काला सागर में भी नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। पिछले 48 घंटों में काला सागर और होर्मुज में 3 जहाजों पर हमले हुए हैं, जिनमें कई भारतीय नाविक घायल हुए हैं। एक घटना में तो जहाज के पूरे चालक दल को ही निकालना पड़ा है। आइए जानते हैं कैसे भारतीय नाविकों के सामने चुनौतियां बढ़ रही हैं।
काला सागर
काला सागर में अफ्रामैक्स जहाज में लगी आग
बीते दिन काला सागर में लाइबेरियाई ध्वज वाले एक टैंकर अफ्रामैक्स रियो पर सोची शहर के पास हमला हुआ, जिसके बाद जहाज में आग लग गई।
हमले के वक्त जहाज में 23 भारतीय नाविक सवार थे। अच्छी बात ये रही कि बचाव दलों ने सभी को बचा लिया और कोई घायल नहीं हुआ।
माना जा रहा है कि यह हमला यूक्रेन की तरफ से किया गया। हमले के बाद समुद्र में फैले कच्चे तेल में आग लग गई।
MV रॉयद मम्मादोव
MV रॉयद मम्मादोव पर हमले में 2 की मौत
5 अक्टूबर को काला सागर में MV रॉयद मम्मादोव नामक जहाज पर हमला हुआ, जिसमें 2 विदेशी नाविकों की मौत हो गई और भारतीय नागरिकों सहित अन्य चालक दल के 11 सदस्य घायल हो गए। इन्हें रोमानियाई अधिकारियों ने बचाया और इलाज के लिए ले जाया गया।
हादसे के बाद जहाज डूब गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि जहाज पर रूसी ड्रोन से हमला हुआ था।
वहीं, जहाज पर सवार तीनों भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
MT ऑन पीस
MT ऑन पीस पर भी हमला
6 अक्टूबर को होर्मुज जलडमरूमध्य में पनामा के झंडे वाले व्यापारिक जहाज 'MT ऑन पीस' पर हमला हुआ था। जहाज पर कुल 17 भारतीय थे, जिसमें 11 घायल हुए।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस जहाज को होर्मुज से गुजरते समय ओमान के तट पर एक प्रक्षेपास्त्र से निशाना बनाया गया।
ओमान के अधिकारियों की सहायता से घायल नाविकों को सुरक्षित निकाला गया और इलाज के लिए उन्हें ओमान के खासब ले जाया गया।
हताहत
अब तक कितने भारतीय हताहत हुए?
NDTV डेटाफाई के मुताबिक, 1 मार्च से 14 जुलाई के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों में 16 नाविक मारे गए। इनमें से 7 भारतीय थे।
8 से 11 जून के बीच अमेरिकी सेना द्वारा तेल टैंकरों MT मारिवेक्स, MT सेट्टेबेलो और MT जलवीर पर किए गए हमलों में 3 भारतीय नाविक मारे गए, जबकि 4 अन्य दूसरे हमलों में मारे गए।
वहीं, होर्मुज, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से 180 भारतीयों को बचाया गया है।
खतरा
भारतीय नाविकों पर क्यों ज्यादा खतरा मंडरा रहा है?
BIMCO-ICS सीफरर वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, भारत के 3.11 लाख पेशेवर समुद्र में काम कर रहे हैं। ये दुनिया के नाविक कार्यबल का 12.16 प्रतिशत है।
ज्यादा उपस्थिति का मतलब है कि भारतीय नाविक अक्सर संघर्ष प्रभावित जलक्षेत्रों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर होते हैं।
यही वजह है कि भारत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में जहाजरानी और नाविकों की सुरक्षा पर 25 देशों के मित्र समूह का शुभारंभ किया था।