हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद फैसला
क्या है खबर?
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को दूसरे दिन ही खत्म कर दिया है। आज शाम पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विद्युत मंत्री अनिल विज के साथ हुई बातचीत के बाद कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। बैठक में मुख्यमंत्री ने निजी कंपनी को बिजली वितरण लाइसेंस रद्द करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया।
आश्वासन
तुरंत बहाल होगी बिजली आपूर्ति
कर्मचारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि निजी कंपनियों को राज्य के विद्युत क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
कर्मचारी संगठन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इसके बाद संयुक्त कार्य समिति ने कहा कि बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल की जाएगी।
वहीं, लंबित मुद्दों पर चर्चा के लिए अगली बैठक 3 नवंबर को होगी।
हड़ताल
क्यों हड़ताल पर थे कर्मचारी?
बिजली कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को 25 साल के लिए बिजली वितरण का लाइसेंस देने के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं।
दरअसल, हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने 19 अक्टूबर को कंपनी को दोनों जिलों में सरकारी बिजली वितरण निगमों के समानांतर बिजली वितरण का लाइसेंस दिया था। कर्मचारी इसका विरोध कर रहे थे।
हड़ताल के बाद 15 जिलों में बिजली संकट देखने को मिला था।