गुरुग्राम में बड़ा खुलासा: 13 बांग्लादेशी हिरासत में, बांस की सीढ़ी से घुसे थे भारत
गुरुग्राम पुलिस पिछले 10 दिनों से एक अभियान चला रही थी। इस अभियान के दौरान उन्होंने कम से कम 13 बांग्लादेशी लोगों को ढूंढ निकाला और पकड़ लिया। ये सभी लोग शहर में बिना किसी कानूनी कागजात के रह रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने सोहना और मानेसर में करीब 900 लोगों की जांच की। इस जांच में किराए के मकानों, बस्तियों और निर्माण स्थलों पर खास ध्यान दिया गया। पूछने पर इन लोगों के पास कोई भी वैध भारतीय पहचान पत्र नहीं मिला।
कालीगंज बॉर्डर से अवैध प्रवेश किया गया
पुलिस के मुताबिक, ये लोग पश्चिम बंगाल के कालीगंज बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। इन्होंने बाड़ के ऊपर बांस की सीढ़ियां लगाकर बॉर्डर पार किया। इस काम में उन्हें एजेंटों की मदद मिली। ये एजेंट सुरक्षा गश्त से बचकर निकलने में उनकी सहायता करते थे। इसके अलावा, भारतीय पक्ष के कुछ संदिग्धों ने भी उन्हें सुरक्षित पार करने में मदद की और सुरक्षाकर्मियों की आवाजाही पर नजर रखी। दिल्ली होते हुए ट्रेन से गुरुग्राम पहुंचने के बाद इन सभी को दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम मिल गया। इससे ये महीने के करीब 18,000 से 20,000 रुपये कमा रहे थे। इनमें से कुछ लोग तो सिर्फ दो महीने पहले ही आए थे, लेकिन वे पहले से ही अपने घर पैसे भेज रहे थे। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि ये लोग नकली भारतीय पहचान पत्र बनवाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस उपायुक्त (अपराध) हितेश यादव ने बताया, "कानून के अनुसार, उन्हें देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।"