नरवणे की अप्रकाशित किताब क्या साजिश के तहत लीक की गई, दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?
क्या है खबर?
पूर्व सेना प्रमुख जनरल MM नरवणे की अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। किताब के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई और इसका कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया है। वहीं, दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि ये किताब एक साजिश के तहत प्रकाशित होने से पहले ही अंतरराष्ट्रीय बाजाच में पहुंच गई है।
पुलिस
मंजूरी के बिना 4 देशों में बिक रही किताब
दिल्ली पुलिस को शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह केवल डेटा चोरी का मामला नहीं, बल्कि रक्षा मंत्रालय की क्लीयरेंस प्रक्रिया को दरकिनार करने के लिए रचा गया एक सुनियोजित और समन्वित अभियान था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में आपराधिक साजिश के तहत FIR दर्ज की है। आधिकारिक मंजूरी से पहले ही यह किताब अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध हो गई थी।
जांच
सबसे पहले कहां अपलोड हुई किताब?
इंडिया टुडे के मुताबिक, जांच में पता चला है कि नरवणे की किताब का लीक हुआ संस्करण न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित हुआ, बल्कि सबसे पहले विदेशी बाजारों में ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया। सूत्रों ने बताया कि पहली बार किताब को '.io' डोमेन एक्सटेंशन वाली वेबसाइट पर अपलोड किया गया था। यह डोमेन मूल रूप से ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र को आवंटित किया गया था और तकनीकी प्लेटफार्मों और स्टार्टअप द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
खुलासे
जांच में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं?
जांच में सामने आया है कि लीक हुई किताब में अंतरराष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या (ISBN) नंबर भी है। ISBN नंबर वाणिज्यिक प्रकाशन और वितरण के लिए जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि ISBN की उपस्थिति से पता चलता है कि लीक हुआ संस्करण कोई कच्चा पांडुलिपि या मसौदा नहीं था, बल्कि प्रकाशन के लिए तैयार प्रति थी। प्रकाशक पेंगुइन इंडिया से ISBN पंजीकरण और वितरण प्रक्रिया के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
संगठित अपराध
संगठित अपराध को लेकर जांच कर रही पुलिस
इंडिया टुडे ने पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा है कि किताब का अपलोड का क्रम, अंतरराष्ट्रीय लिस्टिंग और ISBN से जुड़ी जानकारी किसी संगठित उल्लंघन की ओर इशारा करता है, न कि किसी अलग-थलग डिजिटल चोरी की ओर। एक सूत्र ने बताया, "इस बात की जांच की जा रही है कि आधिकारिक मंजूरी से पहले किसने पुस्तक के वैश्विक प्रसार में मदद की और क्या इसे विदेशी बाजारों में पहुंचाने के लिए कोई समन्वित प्रयास किया गया था।"
विवाद
किताब को लेकर क्या है विवाद?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की किताब की भौतिक प्रति संसद परिसर में पत्रकारों को दिखाई थी। जबकि यह दावा किया जा रहा था कि किताब अभी अप्रकाशित है और बाजार में उपलब्ध नहीं है। राहुल ने किताब के हवाले से संसद में सरकार और प्रधानमंत्री को लेकर कई दावे किए थे, जिस पर संसद में भी खूब हंगामा हुआ था। मामले में पुलिस ने प्रकाशक पेंगुइन इंडिया को नोटिस भी जारी किया है।