प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर की पहली ELF का किया उद्घाटन, हाईवे पर उतरे सुखोई-राफेल; जानें खासियत
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चुनावी राज्य असम के दौरे पर हैं। उन्होंने डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर बनी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ELF) का उद्घाटन किया। ये पूर्वोत्तर में देश की पहली ELF है, जो सीमा से सटे राज्य में सैन्य सामर्थ्य और रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है। इस दौरान ELF पर भारतीय वायुसेना के करीब 16 लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर ने हाईवे पर टचडाउन कर सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया।एम
प्रधानमंत्री का विमान
ELF पर ही उतरा प्रधानमंत्री का विमान
प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह दिल्ली से चाबुआ एयरफोर्स बेस के लिए उड़ान भरी। इसके बाद वे भारतीय वायुसेना के C-130 विमान से मोरन स्थित ELF पहुंचे। इस विमान ने ELF पर ही लैंडिंग की। 4.2 किलोमीटर लंबी यह सुविधा आपात स्थितियों में लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और अन्य विमानों के लिए वैकल्पिक रनवे के तौर पर काम करेगी। इसके बाद वह ELF से C-130 विमान से ही असम की राजधानी गुवाहाटी रवाना हुए।
ट्विटर पोस्ट
ELF पर उतरा प्रधानमंत्री का विमान
#WATCH | Assam witnesses a historic moment as Prime Minister Narendra Modi lands at the Emergency Landing Facility (ELF) on Moran Bypass in Dibrugarh. Here, he will witness the aerial display of fighters, transports and helicopters. The ELF is the first of its kind in Northeast… pic.twitter.com/DOp6lNqAXP
— ANI (@ANI) February 14, 2026
विमान
30 मिनट तक कई विमानों का ELF पर प्रदर्शन
ELF पर करीब 30 मिनट तक वायुसेना के राफेल, सुखोई, डॉर्नियर और AN-32 जैसे विमानों का एयरशो रहा। इस दौरान इन विमानों ने हाईवे पर पहले फ्लाईपास, टचडाउन और उसके बाद टेकऑफ जैसी प्रक्रियाएं प्रदर्शित कीं। इस दौरान हजारों की तादाद में आम जनता भी मौजूद रही। इस सुविधा को भारतीय वायु सेना के साथ मिल कर खास तौर पर डिजाइन किया गया है। देशभर में 28 जगहों पर ELF विकसित करने की योजना है।
ट्विटर पोस्ट
ELF से सुखोई ने किया टेकऑफ
Dibrugarh, Assam: An Indian Air Force Sukhoi Su-30MKI took off from the Emergency Landing Facility (ELF) on the Moran Bypass. PM Narendra Modi watches the take off pic.twitter.com/PbFzV78qp0
— IANS (@ians_india) February 14, 2026
खासियत
क्या है ELF की खासियत?
इस ELF से 40 टन तक के लड़ाकू विमान और 74 टन वजनी ट्रांसपोर्ट विमान की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ किया जा सकता है। सैन्य उद्देश्यों के अलावा इसका इस्तेमाल प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात स्थिति में राहत-बचाव कार्यों में भी किया जा सकता है। यहां से सैन्य और नागरिक दोनों तरह के विमान संचालित हो सकते हैं। ELF का रणनीतिक महत्व भी है। ये चीन की सीमा करीब 300 किलोमीटर और म्यांमार सीमा 200 किलोमीटर दूर है।
दौरा
कुमार भास्कर वर्मा सेतु का भी उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री दोपहर 1 बजे ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 6-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल गुवाहाटी को उत्तरी गुवाहाटी से जोड़ता है। इससे यात्रा समय घटकर सिर्फ 7 मिनट रह जाएगा। वे गुवाहाटी के लाचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। गुवाहाटी को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की सौगात भी मिलेगी।