जून में ईंधन की खपत घटी, 3.7 प्रतिशत की गिरावट आई
पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण सेल (PPAC) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने के मुकाबले इस साल जून में भारत की कुल ईंधन खपत में 3.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान देश में कुल 19.42 मिलियन मीट्रिक टन ईंधन का इस्तेमाल किया गया। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले भी थोड़ा कम रहा। इस गिरावट की मुख्य वजह पेट्रोल और फ्यूल ऑयल की कम खपत रही। हालांकि, डीजल की खपत पिछले महीने के मुकाबले 1.4 प्रतिशत कम हुई, लेकिन फिर भी यह काफी स्थिर बनी रही।
मिश्रित ईंधन मांग, निर्यात कर में बदलाव
LPG की खपत पिछले साल के मुकाबले 14 प्रतिशत से ज्यादा घट गई। यह तब हुआ है जब भारत ने मध्य पूर्व के देशों से सप्लाई में आ रही दिक्कतों के कारण अमेरिका से रिकॉर्ड मात्रा में LPG का आयात किया था। पेट्रोल की मांग मई के मुकाबले थोड़ी कम हुई, लेकिन पिछले साल की तुलना में यह 7.4 प्रतिशत बढ़ी है। डीजल की स्थिति भी पेट्रोल जैसी ही रही; महीने-दर-महीने इसमें थोड़ी गिरावट आई, लेकिन सालाना आधार पर अच्छी बढ़त दर्ज की गई। नैफ्था की खपत में सबसे तेज गिरावट देखने को मिली, जो पिछले साल जून के मुकाबले 42 प्रतिशत कम रही। वहीं, बिटुमेन का इस्तेमाल मई के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत बढ़ गया, हालांकि यह अभी भी पिछले साल से कम है। इसी बीच, सरकार ने निर्यात करों में कुछ बदलाव किए हैं। डीजल और एविएशन फ्यूल के निर्यात पर कर में राहत दी गई है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर अब जुलाई से अधिक कर लगेगा।