असम में बाढ़ का तांडव, अब तक हुई 58 लोगों की मौत
असम में पिछले कुछ सालों में इतनी भयानक बाढ़ नहीं आई थी। इसकी वजह 18-19 जुलाई को ऊपरी असम और नागालैंड में हुई मूसलाधार बारिश है। इस बारिश के कारण 12 जिलों के 856 गांव पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, जिससे करीब 7 लाख लोगों की जिंदगी पर बुरा असर पड़ा है। शिवसागर जैसे शहर भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और खेती के बड़े-बड़े खेत बर्बाद हो गए हैं। इस बाढ़ में अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 6 बच्चे भी शामिल हैं।
राहत टीमों ने बचाई 4,455 लोगों की जान
अब तक करीब 4,455 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, वहीं लगभग 1.15 लाख लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। हालांकि, पानी कम होने के बाद जमी गाद (मिट्टी) ने कई इलाकों के रास्ते बंद कर दिए हैं, जिसके कारण अब भी कई परिवार फंसे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल जंगलों की अंधाधुंध कटाई और नदियों के तल से की गई खुदाई ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। उनका सुझाव है कि ज्यादा पेड़ लगाकर और बाढ़ की बेहतर भविष्यवाणी करके भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।