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कागजों पर डॉक्टर, फर्जी मरीज; अल-फलाह विश्वविद्यालय को लेकर ED के बड़े खुलासे
ED ने अल-फलाह विश्वविद्यालय को लेकर नए खुलासे किए हैं

कागजों पर डॉक्टर, फर्जी मरीज; अल-फलाह विश्वविद्यालय को लेकर ED के बड़े खुलासे

लेखन आबिद खान
Jan 18, 2026
03:42 pm

क्या है खबर?

दिल्ली कार धमाके के बाद चर्चा में आए हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ED का कहना है कि विश्वविद्यालय ने मान्यता पाने और निरीक्षण के दौरान एजेंसियों को गुमराह किया। इसके लिए निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में फर्जी मरीज भर्ती किए और कागजों पर डॉक्टरों की नियुक्ति दिखाई गई। ED ने चार्जशीट में ये आरोप लगाए हैं।

फर्जी मरीज

अस्थायी डॉक्टर, फर्जी मरीजों के जरिए किया गया गुमराह

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ED ने आरोप लगाए कि निरीक्षण से ठीक पहले बाहर से डॉक्टरों को अस्थायी तौर पर बुलाया गया और उन्हें नियमित डॉक्टर बताकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को गुमराह किया गया। अस्पताल में भीड़ दिखाने के लिए मरीजों को पैसे देकर या बिचौलियों के जरिए लाया गया। कई डॉक्टरों की नियुक्ति सिर्फ दस्तावेजों में थी। ये हफ्ते में 2 दिन अस्पताल आने जैसी शर्तों पर दर्शाया गया, जबकि न ये पढ़ाते थे न अस्पताल आते थे।

सत्यापन

किसी डॉक्टर का कोई सत्यापन नहीं किया गया

ED की जांच में खुलासा हुआ है कि विश्वविद्यालय ने बिना किसी पुलिस सत्यापन के डॉक्टरों को नियुक्त किया। जिन 3 डॉक्टरों का संबंध दिल्ली धमाके से निकला है, उनकी भी नियुक्ति ऐसे ही की गई। ED ने बताया कि ये नियुक्तियां विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख डॉक्टर जमील खान की ओर से अनुशंसित की गई थी। इसके बाद समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी द्वारा अनुमोदित की गई थीं।

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अन्य खुलासे

विश्वविद्यालय को लेकर और क्या-क्या खुलासे हुए?

विश्वविद्यालय का अस्पताल लंबे समय तक बंद था। NMC निरीक्षण से 3 हफ्ते पहले तक अस्पताल में न डॉक्टर थे, न कर्मचारी और न मरीज। ED ने 493.24 करोड़ रुपये की राशि को मनी लॉन्ड्रिंग का पैसा बताया है। आरोप है कि छात्रों को फर्जी NAAC ग्रेड और UGC मान्यता का झांसा देकर भारी फीस वसूली गई। विश्वविद्यालय और ट्रस्ट ने धोखाधड़ी के जरिए हरियाणा सरकार से कोर्स शुरू करने की मंजूरी ली।

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संपत्ति

एजेंसी ने 140 करोड़ की संपत्ति जब्त की 

ED ने विश्वविद्यालय की 139.97 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया है। ED ने विश्वविद्यालय के 54 एकड़ के परिसर और उस पर बनी इमारतों को अटैच किया है। वहीं, संचालक सिद्दीकी को पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके का संबंध इस विश्वविद्यालय से निकला था। जिस कार में धमाका हुआ था, उसे विश्वविद्यालय का डॉक्टर चला रहा था।

विश्वविद्यालय

76 एकड़ में फैला है विश्वविद्यालय

अल-फलाह विश्वविद्यालय फरीदाबाद के धौज गांव में करीब 76 एकड़ में बना हुआ है। इसकी शुरुआत 1997 में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी। विश्वविद्यालय के 3 शैक्षणिक संस्थान और परिसर में 650 बिस्तरों वाला एक अस्पताल भी है। यहां कम पैसों में इलाज किया जाता है। विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले ट्रस्ट के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी है, जो पहले भी विवादों में रहे हैं। वे 3 साल जेल में भी रहे हैं।

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