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अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारत-चीन में जारी है आमने-सामने की स्थिति, ITBP प्रमुख ने की पुष्टि
अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारत-चीन में जारी है आमने-सामने की स्थिति (तस्वीर: फाइल)

अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारत-चीन में जारी है आमने-सामने की स्थिति, ITBP प्रमुख ने की पुष्टि

Oct 23, 2026
10:48 am

क्या है खबर?

पूर्वी लद्दाख में लंबे समय तक चले गतिरोध के बाद अब उत्तर-पूर्वी सीमा पर तनाव की बड़ी खबर सामने आई है। इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत कपूर ने पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति अभी भी जारी है। सरकारी स्तर पर इस टकराव की यह पहली आधिकारिक स्वीकारोक्ति है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा है।

बयान

DG कपूर ने क्या दिया बयान?

राजस्थान के अलवर में ITBP कर्मियों (हिमवीरों) के वार्षिक अलंकरण समारोह में DG कपूर ने संकट के समय में बल के जवानों की मुस्तैदी को सराहा।

उन्होंने विशेष रूप से सीमा पर तैनात विशेष कमांडो टीम के लिए कहा, "हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में एक स्थिति उत्पन्न हुई जहां कई स्थानों पर चीन के साथ आमने-सामने की झड़प हुई, जो वर्तमान में भी जारी है। वहां हमारी नवनिर्मित 'शौर्य कमांडो' टीमों ने बेहद शानदार और अनुकरणीय भूमिका निभाई है।"

कमांडो

कौन हैं शौर्य कमांडो?

'शौर्य कमांडो' ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लड़ाई में माहिर होते हैं। 1962 में बनी ITBP चीन के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी LAC की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।

DG कपूर ने कहा, "ITBP को एक पर्वतीय गुरिल्ला बल के तौर पर बनाया था और हमें 2004 में चीन के साथ सीमा सुरक्षा ड्यूटी दी गई थी। हमें अपना असली काम छोड़ने की जरूरत नहीं है।"

बता दें कि शौर्य कमांडो सीमा पर चीन को सख्ती से जवाब देते हैं।

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तनाव

जुलाई से जारी है तनाव, BRICS सम्मेलन में भी नहीं थमा गतिरोध

स्थानीय सूत्रों और रिपोर्टों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश सीमा पर यह गतिरोध इसी वर्ष जुलाई 2026 से शुरू हुआ था।

हैरानी की बात यह है कि सितंबर 2026 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत यात्रा के दौरान भी सीमा पर दोनों सेनाओं के बीच यह तनातनी पर्दे के पीछे लगातार जारी रही।

अब DG कपूर की इस पुष्टि ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत और चीन के बीच अभी हालात सुधरे नहीं हैं।

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आरोप

विपक्ष ने लगाया वास्तविक स्थिति छिपाने का आरोप

ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, '19 जून, 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दी गई 'क्लीन चिट' की भारी कीमत देश आज तक चुका रहा है। एक तरफ स्वघोषित विश्वगुरु चीन को रियायतें दे रहे हैं, वहीं ITBP महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में हालिया संघर्षों में हमारे जवानों के प्रदर्शन की सराहना की है, जिस पर प्रधानमंत्री और उनके प्रशासन की तरफ से अब तक चुप्पी छाई हुई थी।'

बदलाव

तकनीकी बदलाव और ITBP की नई युद्ध रणनीतियां

बदलते युद्ध परिदृश्य में ITBP अपनी सैन्य क्षमताओं में रणनीतिक और ढांचागत बदलाव कर रही है।

DG कपूर ने बताया कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए ITBP अपनी खुद की ड्रोन उत्पादन क्षमता और एंटी-ड्रोन सिस्टम को मजबूत करने पर तेजी से काम कर रही है। सीमा की सभी यूनिट्स में ड्रोन स्क्वाड का गठन किया जा चुका है।

इसी तरह बड़े पैमाने पर भूमिगत बंकरों और बुनियादी ढांचों का निर्माण किया जा रहा है।

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