यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो ने दिखाया अपना OCI कार्ड, उनका गोवा से क्या है संबंध?
क्या है खबर?
भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (EU) के बीच मंगलवार को सालों से अटका मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हो गया है। इसकी घोषणा के समय यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा-कोस्टा ने अचानक भारत की प्रवासी नागरिकता (OCI) कार्ड निकाला और भारत से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का हवाला दिया। इस खुलासे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यख उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुस्कुराकर और ताली बजाकर उनका स्वागत किया।
कार्ड
एंटोनियों के पास कैसे आया OCI कार्ड?
एंटोनियो कोस्टा के पिता का जन्म और पालन-पोषण गोवा में ही हुआ था, जो पहले पुर्तगाली उपनिवेश था। गोवा की आजादी के बाद महज 18 वर्ष की आयु में वे पुर्तगाल चले गए। एंटोनियो को बचपन में कोंकणी भाषा के लोकप्रिय उपनाम 'बाबुश' से पुकारा जाता था। उन्होंने भारत और EU के बीच हुए FTA की संयुक्त घोषणा करते हुए यह बात कही। उन्होंने भारत से अपने जुड़ाव को यूरोप और भारत के बीच बढ़ती साझेदारी से भी जोड़ा।
बयान
एंटोनिया ने क्या दिया बयान?
एंटोनियो ने अपनी जेब से OCI कार्ड निकालते हुए कहा, "मैं यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष हूं, लेकिन मैं एक प्रवासी भारतीय भी हूं। आप कल्पना कर सकते हैं, मेरे लिए इसका एक विशेष महत्व है। मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया था। यूरोप और भारत के बीच का संबंध मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत मायने रखता है।" एंटोनियो साल 2015 से 2024 तक पुर्तगाल के प्रधानमंत्री भी रहे थे।
संबंध
एंटोनियो कोस्टा का गोवा से क्या संबंध है?
एंटोनियो की भारत यात्रा ने उनके बचपन की यादों को ताजा कर दिया होगा। उन्होंने आखिरी बार 2017 में पुर्तगाल के प्रधानमंत्री के रूप में भारत का दौरा किया था, जब वे अपने कवि और उपन्यासकार पिता ऑरलैंडो कोस्टा के एक नाटक के अंग्रेजी अनुवाद का विमोचन करने आए थे। कोस्टा का जन्म 1961 में लिस्बन में हुआ था, लेकिन उन्होंने पहली बार अपने माता-पिता के साथ किशोरावस्था में गोवा की यात्रा की थी।
पृष्ठभूमि
गोवा में ही हुआ था एंटोनियो के दादा का जन्म
एंटोनियो के दादा का जन्म गोवा के मडगांव में हुआ था और उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय वहीं बिताया। उनके पिता ऑरलैंडो एक प्रख्यात लेखक थे जिनकी रचनाओं में गोवा का गहरा प्रभाव दिखता है। रवींद्रनाथ टैगोर पर भी उनकी रचनाएं शामिल हैं। एंटोनियो ने 2017 की अपनी यात्रा के दौरान कहा था, "मेरे पिता लिस्बन गए थे लेकिन उन्होंने गोवा कभी नहीं छोड़ा। गोवा हमेशा उनकी रचनाओं में मौजूद रहा।"
मकान
गोवा में आज भी मौजूद है एंटोनियों का पैतृक मकान
एंटोनियो का 200 साल पुराना पैतृक घर आज भी मडगांव में अबादे फारिया रोड पर स्थित है, जहां उनका पूरा परिवार रहता है। साल 2017 की अपनी यात्रा के दौरान एंटोनियो ने उस घर का दौरा किया था और अपने परिवार के सदस्यों से बातचीत की थी। 64 वर्षीय नेता को उनकी गोवा मूल की पृष्ठभूमि और शांत वार्ता शैली के कारण अक्सर 'लिस्बन का गांधी' कहा जाता है। उनके अंदर आज भी गोवा का एक अंश मौजूद है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
#WATCH | Delhi | President of the European Council, António Luís Santos da Costa, says, "I'm the President of the European Council, but I'm also an overseas Indian citizen. Then, as you can imagine, for me it has a special meaning. I'm very proud of my roots in Goa, where my… pic.twitter.com/wDMuNbzr3h
— ANI (@ANI) January 27, 2026