#NewsBytesExplainer: क्या बूढ़ी हो रही भारतीय आबादी, गिरती प्रजनन दर से एलन मस्क क्यों चिंतित?
क्या है खबर?
दुनिया के चर्चित अरबपति एलन मस्क ने भारत की घटती प्रजनन दर को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि भारत की प्रजनन दर अब उस स्तर से नीचे पहुंच गई है, जो किसी देश की आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी मानी जाती है। मस्क ने कहा कि देश के शिक्षित वर्ग में यह दर कई वर्ष पहले ही इस स्तर से नीचे आ गई थी। आइए TFR के बारे में जानते हैं।
TFR
क्या होती है TFR?
कुल प्रजनन दर (TFR) का आसान भाषा में मतलब है कि एक महिला अपने जीवनकाल में औसतन कितने बच्चों को जन्म दे रही है। मान लिया जाए भारत की एक महिला अपने पूरे जीवनकाल में औसतन 3 बच्चों को जन्म देती है, तो भारत की TFR 3 होगी। हालांकि, तकनीकी स्तर पर इसकी गणना का तरीका अलग होता है। जनसंख्या में वृद्धि, स्थिरता या कमी को मापने के लिए ये एक बेहद अहम पैमाना होता है।
रिप्लेसमेंट लेवल
क्या होती है रिप्लेसमेंट दर?
रिप्लेसमेंट दर उस जन्म दर को कहते हैं, जिसमें जन्म और मृत्यु का संतुलन बना रहता है और जनसंख्या स्थिर रहती है। आसान भाषा में कहें तो रिप्लेसमेंट लेवल वह स्तर है, जहां एक पीढ़ी अपनी अगली पीढ़ी को संख्या के हिसाब से रिप्लेस कर देती है। जनसंख्या विशेषज्ञ 2.1 बच्चे प्रति महिला की प्रजनन दर को रिप्लेसमेंट दर मानते हैं। भारत की TFR 2.1 से कम हो गई है।
गिरना
प्रजनन दर का गिरना क्यों बुरा माना जाता है?
अगर प्रजनन दर लंबे समय से 2.1 से नीचे रहती है तो किसी भी देश की जनसंख्या कम होने लगती है। इसका सबसे बड़ा नुकसान ये होता है कि जनसंख्या में असंतुलन पैदा हो जाता है। आमतौर पर आबादी में बुजुर्ग लोगों की संख्या बढ़ जाती है और कामकाजी युवा आबादी कम हो जाती है। इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। बुजुर्गों की देखरेख पर पैसा खर्च होता है और कमाने वाले युवाओं की कमी हो जाती है।
भारत
कम होती जा रही है भारत की प्रजनन दर
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम-2024 की रिपोर्ट के अनुसार, देश की TFR 2.1 से घटकर 1.9 हो गई है। यानी ये अब रिप्लेसमेंट दर 2.1 से भी नीचे आ गई है। आंकड़ों के मुताबिक, 1950 में भारत की प्रजनन दर 5.7 थी। 1960 में ये बढ़कर 5.9 हो गई उसके बाद से लगातार गिर रही है। 1970 में 5.6, 1980 में 4.8, 1990 में 4.0 और 2000 के बाद से घटकर 2.0 के आसपास आ गई है।
राज्य
क्या है राज्यों के आंकड़े?
राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में TFR रिप्लेसमेंट दर से ज्यादा है। देश में सबसे कम TFR दिल्ली में 1.2 है। बाकी सभी राज्यों में TFR 2.1 से कम हो गई है। यही वजह है कि कुछ भारतीय राज्य इससे चिंतित हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तीसरा बच्चा पैदा होने पर 30,000 और चौथे बच्चे पर 40,000 रुपये देने की घोषणा है।
अनुमान
साल 2062 से कम होनी शुरू होगी भारत की आबादी
संयुक्त राष्ट्र (UN) की जनसंख्या रिपोर्ट के मुताबिक, 2062 में भारत की आबादी 170 करोड़ तक पहुंच जाएगी। ये सबसे ऊंचा स्तर होगा। इसके बाद जनसंख्या में गिरावट आनी शुरू हो जाएगी। 2063 में देश की आबादी में 1.15 लाख की कमी होगी, जो 2064 में बढ़कर 4.37 लाख और 2065 में 7.93 लाख होगी। अनुमान में कहा गया है कि 2080 तक 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग 18 साल से कम उम्र वालों से ज्यादा हो जाएंगे।
अन्य देश
गिरती प्रजनन दर से कई एशियाई देश चिंतित
कई एशियाई देश गिरती TFR और बच्चों के कम जन्म के चलते जनसंख्या संकट का सामना कर रहे हैं। इनमें चीन, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग और ताइवान शामिल हैं। इन देशों में TFR एक से नीचे चली गई है। दक्षिण कोरिया की सरकार हर बच्चे के जन्म पर माता-पिता को 'बेबी पेमेंट' दे रही है। इसी तरह चीन ने शादी करने वाले युवाओं को टैक्स छूट, घर खरीदने पर सब्सिडी, अतिरिक्त वेतन और नकद राशि देने के प्रावधान किए हैं।