अल नीनो का भारत में बारिश पर असर, 2009 के बाद सबसे सूखा मानसून
भारत इस बार 2009 के बाद सबसे सूखे मानसून की तरफ बढ़ रहा है। अभी तक हुई बारिश लंबी अवधि के औसत से 15 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।
इसकी वजह मजबूत होता 'अल नीनो' है, जो मानसून की बारिश को बाधित कर रहा है।
IMD ने मई में ही इस मौसम में 10 प्रतिशत बारिश की कमी का अनुमान लगाया था। अगर जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यह साल 2009 के बाद सबसे कमजोर मानसून वाला साल साबित हो सकता है।
फसलों पर संकट, भारत ने चीनी के आयात की इजाजत दी
कम बारिश का सीधा असर चावल, गन्ने और कपास की खेती पर पड़ रहा है। इन फसलों को अच्छे मानसून की बहुत जरूरत होती है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
खाने-पीने की चीज़ों की कीमतें पहले से ही आसमान छू रही हैं। अगस्त में महंगाई दर 5.95 प्रतिशत तक पहुंच गई। इसी वजह से, कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार ने शुल्क-मुक्त चीनी आयात की अनुमति दी है। साथ ही, प्याज पर भी सब्सिडी देने की घोषणा की गई है।