NEET पेपर लीक: शिक्षा मंत्री बोले- अगले साल ऑनलाइन होगी परीक्षा, छात्रों का हित सर्वोपरि
क्या है खबर?
NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 3 मई को परीक्षा और 7 मई को NTA के पास आपत्ति आई थी। उन्होंने आगे बताया, "'गेस पेपर' में कुछ ऐसे प्रश्न आए, जो असल पेपर में थे। तुरंत हमने चर्चा के बाद प्रारंभिक जांच की। 4 दिन में जब हमें पुष्टि हुई तो हमने छात्रों के हितों में परीक्षा रद्द की। हम नहीं चाहते थे कि सही छात्र के अधिकार वंचित हो जाए।"
बयान
प्रधान ने कहा- छात्रों के हित में कठोर फैसला लिया
प्रधान ने कहा, "केंद्रीय मंत्री ने खुद जिम्मेदारी ली है। CBI इस बार पूरी तह तक जाएगी। मैं छात्रों से अपील करना चाहता हूं कि आप निर्भीक होकर परीक्षा दें। हम नहीं चाहते थे कि कोई माफिया आपकी सीट छीन ले। इसलिए हमने कठोर फैसला लिया। जो हो रहा है, हम सब उससे बहुत दुखी हैं। छात्रों का भरोसा हमारे लिए सर्वोपरि है। मैं माफियाओं से भी कहना चाहता हूं कि वे बख्शे नहीं जाएंगे।"
सुधार
शिक्षा मंत्री ने गिनाए परीक्षा में सुधार के उपाय
प्रधान ने कहा, "जिस दिन परीक्षा रद्द हुई, उस दिन NTA ने कहा कि हम छात्रों को फीस लौटाएंगे। दोबारा परीक्षा की जीरो फीस होगी। हम एक हफ्ते तक विद्यार्थियों को अपनी पसंद का शहर चुनने का विकल्प देंगे। परीक्षा में जो फोर्मेलिटीज हैं, उनमें समय लगता है, इसलिए परीक्षा का समय भी 15 मिनट बढ़ाया जाएगा। 14 जून तक प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। विद्यार्थियों के आवागमन को आसान बनाने का दायित्व हम लेंगे।"
पेपर लीक
पेपर लीक के चलते रद्द हुई थी परीक्षा
देशभर में 3 मई को NEET UG की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे। हालांकि, कुछ दिन बाद ही पेपर लीक की जानकारी सामने आई, जिसके चलते 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। पेपर लीक के तार राजस्थान, हरियाणा से लेकर केरल तक जुड़े हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI मामले की जांच कर रही है, जिसने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई
पेपर लीक मामले में अब तक क्या हुआ?
3 मई को परीक्षा हुई। 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द। CBI ने FIR दर्ज की। 13 मई को CBI ने कई राज्यों में छापेमारी की। 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी बीच राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को हटाने की मांग को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया। 14 मई: CBI ने 5 आरोपियों को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। सभी आरोपी 7 दिन की हिरासत में भेजे गए।