SIR में छूटे मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, चुनाव आयोग 20 राज्यों में चलाएगा विशेष अभियान
क्या है खबर?
जिन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरा हो चुका है, वहां चुनाव आयोग विशेष अभियान चलाने जा रहा है। इसमें SIR के दौरान छूटे लोगों और 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। ये घोषणा ऐसे वक्त की गई है, जब SIR में करोड़ों लोगों के नाम कटने को लेकर चुनाव आयोग विवादों में है।
रिपोर्ट
आयोग ने राज्यों के CEO को लिखा पत्र
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस संबंध में 29 सितंबर को लिखित रूप से निर्देश दिया था।
इस पत्र में आयोग ने कहा, "जिन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का काम पूरा हो चुका है, वहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी और ERO लगातार अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत छूटे हुए और युवा/पहली बार पात्र बनने वाले मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएंगे।"
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
आयोग ने ऑनलाइन बैठक में भी दिए निर्देश
रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अक्टूबर को आयोग ने सभी राज्यों के CEO के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी ये निर्देश दिया।
बैठक में कहा गया CEO से कहा गया कि वे SIR से पहले और बाद की मतदाता सूची की तुलना करें, हटाए गए लोगों की सूची बनाएं और ऐसे लोगों की पहचान करें जो शायद छूट गए हों।
CEO से कहा गया है कि वे इस काम के लिए राजनीतिक पार्टियों या उनके बूथ-लेवल एजेंट की मदद लें।
फॉर्म 6
फॉर्म 6 के जरिए दोबारा जोड़े जाएंगे पात्र मतदाता
इंडियन एक्सप्रेस ने बैठक में शामिल एक अधिकारी के हवाले से कहा, "निर्देश दिया गया है कि घरों का दौरा किया जाए, खासकर उन मामलों में जहां वोटर ने पता नहीं बदला है या उसका नाम डुप्लीकेट या मृत होने के कारण नहीं हटाया गया था और उनसे फॉर्म 6 भरवाया जाए।"
सभी CEO को निर्देश दिया गया है कि अगर किसी का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो फॉर्म 6 के जरिए उनका नाम वापस जोड़ा जाए।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश
महाराष्ट्र में SIR अभी जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम जल्दबाजी में न हटाया जाए।
अधिकारियों से कहा गया है, "कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए और उसके मताधिकारा में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।"
अधिकारियों से कहा गया है कि वे जल्दबाजी में कोई नकारात्मक फैसला न लें और ERO स्तर पर पूरी जांच-पड़ताल सुनिश्चित करें।
जानकारी
महाराष्ट्र में 1.22 करोड़ नामों की होगी जांच
महाराष्ट्र की ड्राफ्ट SIR सूची में करीब 1.22 करोड़ नाम जांच के लिए चिन्हित किए गए हैं। इनमें करीब 62.48 लाख मामले रिश्तेदारों की जानकारी में गड़बड़ी और करीब 59.75 लाख मामले पिछली मतदाता सूची में रिश्तेदार से मैपिंग न होने से जुड़े हैं।