क्या तेलंगाना में 47 लाख मतदाताओं का कटेगा नाम? SIR पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का हमला
तेलंगाना में करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। दरअसल, राज्य में विशेष गहन पुर्नरीक्षण (SIR) अभियान का अंतिम चरण चल रहा है, जिसकी शुरुआत जून में हुई थी। इसका मकसद मतदाता सूची को अपडेट करना है। इस अभियान के तहत अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे के रूप में चिन्हित नामों को हटाया जा रहा है। शुरुआती जांच में 73 लाख से ज्यादा नाम ऐसे मिले थे।
चुनाव अधिकारियों ने 92.88 लाख गड़बड़ी के नोटिस भेजे
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उन मतदाताओं को 92.88 लाख नोटिस भेजे हैं, जिनके वोटर डाटा में कुछ गड़बड़ी होने का संदेह था। इनमें से 58.97 लाख मामलों की सुनवाई भी हो चुकी है। इस प्रक्रिया के बाद 45.54 लाख मतदाता ऐसे पाए गए हैं जो अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने के योग्य हैं और उनके नाम सूची में बने रहेंगे। वहीं, 5.02 लाख नोटिस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस पूरी प्रक्रिया का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह अभियान विपक्षी दलों के समर्थकों को गलत तरीके से निशाना बना रहा है।