तिरुमाला लड्डू घी में 'बड़ा खेल' उजागर, आयोग ने पूर्व अधिकारी धर्म रेड्डी पर लगाए आरोप
आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के लड्डुओं के घी आपूर्ति की जांच में गुणवत्ता और ठेके देने के तरीके में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। सेवानिवृत्त IAS अधिकारी दिनेश कुमार की अगुवाई वाली एक समिति ने पूर्व एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवी धर्म रेड्डी को दोषी ठहराया है। समिति का आरोप है कि रेड्डी ने नियमों में ढील देकर ऐसे सप्लायरों को काम सौंप दिया, जो इसके काबिल नहीं थे।
घी मिलावट के बाद भी सप्लायर्स नहीं हुए ब्लैकलिस्ट
अगस्त 2022 में घी में मिलावट पकड़ी गई थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसके बाद भी बोले बाबा डेयरी जैसे सप्लायरों को ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया। वे पहले की तरह ही व्यापार करते रहे।
इतना ही नहीं, 1 जुलाई 2022 से बीटा-सिटोस्टेरॉल की जांच अनिवार्य कर दी गई थी। फिर भी, लंबे समय तक इसे निविदा की शर्तों में शामिल नहीं किया गया। इसकी वजह यह थी कि मंदिर की लैब में FSSAI से मान्यता प्राप्त जांच के लिए उचित सुविधाएं मौजूद नहीं हैं।
रिपोर्ट में अधिकारियों की पारदर्शिता की कमी के लिए उनकी कड़ी आलोचना की गई है। इसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी सिफारिश की गई है, ताकि भविष्य में घी की आपूर्ति सुरक्षित हो और उस पर बेहतर ढंग से निगरानी रखी जा सके।