DPCC का बड़ा खुलासा- दिल्ली की यमुना 'जैविक रूप से मृत', 130 गुना ज्यादा गंदगी
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की ताजा पानी की जांच की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली की यमुना नदी आज भी 'जैविक रूप से मृत' है। मछलियों और पानी में रहने वाले जीवों के लिए बेहद जरुरी घुली हुई ऑक्सीजन (डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन) कई हिस्सों में बिलकुल शून्य हो गई है।
वहीं, गंदगी की मात्रा सुरक्षित सीमा से कई गुना ज्यादा है। सरकार की तरफ से नदी को साफ करने के बड़े-बड़े वादों के बावजूद, बिना साफ किए हुए सीवेज की समस्या आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आसगरपुर में बैक्टीरिया सुरक्षित सीमा से 130 गुना ज्यादा
यमुना दिल्ली में पल्ला से ठीक-ठाक गुणवत्ता वाले पानी के साथ प्रवेश करती है, लेकिन उसके बाद हालात बहुत तेजी से बिगड़ जाते हैं। जब तक नदी ISBT ब्रिज और निजामुद्दीन ब्रिज जैसे बीच के इलाकों तक पहुंचती है, तब तक घुली हुई ऑक्सीजन बिलकुल खत्म हो जाती है और गंदगी अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच जाती है।
आसगरपुर में गंदगी से पैदा होने वाले बैक्टीरिया सुरक्षित सीमा से 130 गुना से भी ज्यादा पाए गए हैं। यह साफ इशारा है कि नदी को फिर से जिंदा करने के लिए सिर्फ कागजी वादों के बजाय जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव की जरुरत है।